कश्मीरी नेताओं पर पीएसए लगाना क्रूर कदम: स्टालिन

कश्मीरी नेताओं पर पीएसए लगाना क्रूर कदम: स्टालिन

चेन्नई। (द्रमुक) अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कश्मीर के शीर्ष नेताओं की हिरासत अवधि बढ़ाने और जन सुरक्षा कानून (पीएसए) लगाए जाने के केन्द्र सरकार के फैसले को ‘क्रूर’करार देते हुए केन्द्र शासित प्रदेश में लोकतंत्र की शीघ्र बहाली और नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की है। श्री स्टालिन ने शनिवार को जारी एक बयान में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती की हिरासत अवधि की निंदा करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि दो पूर्व मुख्यमंत्रियों की छह माह की हिरासत अवधि समाप्त होने से मात्र दो घंटे पहले उन पर पीएसए लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। ये नेता भारत की अस्मिता में विश्वास रखते हैं और इन पर इस तरह का कानून लगाया जाना मानवाधिकारों और निजी स्वतंत्रता के खिलाफ है। ऐसा करना संविधान और लोकतंत्र में लोगों के विश्वास का उपहास करना है। श्री स्टालिन ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार अपनी मर्जी से कानूनों का इस्तेमाल कर रही है जो लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।