कठौंदा के प्रभात नगर में समस्या, डेढ़ अरब खर्च होने के बाद भी लोग प्यासे

कठौंदा के प्रभात नगर में समस्या, डेढ़ अरब खर्च होने के बाद भी लोग प्यासे

जबलपुर । निर्धन व गरीबी रेखा के नीचे के परिवारों के लिए लागू दादा बाबूराव परांजपे नल- जल योजना,डेढ़ अरब रुपए की अमृत योजना सहित नगर निगम की सालाना 45 करोड़ रुपए से अधिक राशि पेयजल वितरण व्यवस्था में खर्च होने के बावजूद जब पेयजल संकट नजर आए तो जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल उठना लाजिमी है। गर्मी के मौसम ने शहर में दस्तक दे दी है। इसी के साथ शहर से जुड़े ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट ने दस्तक दे दी है। वार्ड क्रमांक 72 के तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के पास विस्थापितों की बस्ती है जिसका नाम प्रभात नगर है। यहां 500 से अधिक परिवार निवास करते हैं। विगत कार्यकाल में यहां पर 3 बोरिंग करवाई ग जिनमें से 1 में वाटर लेवल नीचे जाने के कारण पानी की समस्या है। इसके अलावा यहां पर 5 हैंडपंप भी हैं। दो बोरिंग चालू बताई जा रही हैं। वहीं क्षेत्र में पाइप लाइन भी बिछाई गई है। इसके बावजूद यहां के 80 फीसदी परिवारों की महिलाओं को घरों में नल कनेक्शन न होने के कारण दूर से पीने का पानी ढोकर लाना पड़ता है।

70-80 परिवारों ने ही लिया कनेक्शन

बताया जाता है कि 5 सौ से ऊपर परिवारों में से बोरिंग से बिछी पाइप लाइन से मात्र 70 से 80 परिवारों ने ही घरों में नल कनेक्शन लिया है।बाकी परिवारों ने यह कनेक्शन क्यों नहीं लिया यह सवाल भी सामने है,क्योंकि दादा बाबूराव नल-जल योजना के अंतर्गत मात्र 300 रुपए में यह कनेक्शन प्रदान किया जाता है जिसमें मात्र 1 रुपए प्रतिदिन का जलशुल्क लेने की व्यवस्था है।

पूर्व पार्षद का कहना

पूर्व पार्षद रोकड़ पटैल का कहना है कि यहां पर पानी की कमी नहीं है,केवल 1 बोर में ही जल स्तर नीचे जाने से यह काम नहीं कर रहा है शेष 2 बोर काम कर रहे हैं वहीं 5 हैंडपंप भी हैं। नल कनेक्शन ज्यादातर परिवारों ने नहीं लिए हैं जिसके कारण उन्हें बोर तक या हैंड पंप तक जाकर पानी लाना पड़ता है। सभी ने कनेक्शन क्यों नहीं लिया इस पर वे संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने यह भी कहा कि यहां के रहवासी बेहद गरीब हैं। कई ने तो पाइप लाइनों में ही छेद कर लिए हैं और वहीं से पानी भर लेते हैं।

फैक्ट फाइल

500 परिवार निवासरत हैं प्रभात नगर में

70-80 परिवारों ने ही लिया है कनेक्शन

400 से अधिक परिवार ढोकर लाते हैं पानी

3 बोर हैं जिनमें से 1 बंद

5 हैंडपंप हैं

सुबह से ही पहला काम पानी का इंतजाम करना होता है। काफी दूर जाकर पीने का पानी ला रहे हैं। नहाने- धोने के लिए भी परिवार के सदस्यों को बोर तक जाना पड़ता है। -पुष्पा साहू,प्रभात नगर निवासी।

कई लोगों ने पाइप लाइन में छेद कर लिए हैं। जिससे पानी का फोर्स आगे के परिवारों तक नहीं जाता। ऐसे में पानी लेने के लिए दूर जाना हमारी मजबूरी है। हर परिवार में नल कनेक्शन होना चाहिए। -आरती बाई,प्रभात नगर निवासी।

कई बार कनेक्शन के लिए कोशिश की मगर कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब दूर से जाकर पानी न लाएं तो पीने तक को मोहताज होना पड़ता है। पानी की हमेशा से दिक्कत रही है। -भैया लाल साहू, प्रभात नगर निवासी।

ऐसा कैसे हो सकता है कि इतनी बड़ी बस्ती में लोग घर में पानी का कनेक्शन न लें। इसमें नगर निगम के जल विभाग की कमी है,उन्होंने कभी भी आकर यहां कनेक्शन देने की प्रक्रिया नहीं की। -रूप लाल पटैल,प्रभात नगर निवासी।