एससीओ देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत करने के लिए बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी

एससीओ देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत करने के लिए बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी

बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन एससीओी शिखर सम्मेलन के लिए बृहस्पतिवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे। मोदी लोकसभा चुनाव में दोबारा जीतने के बाद पहले बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग ले रहे है। मोदी ने बिश्केक की अपनी दो दिवसीय यात्रा से पहले एक बयान में कहा कि उनकी एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग  समेत कई नेताओं से मिलने की योजना है। उन्होंने बुधवार को कहा, ‘‘हम क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देते हैं। भारत ने दो साल पहले एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद इसके विभिन्न वार्ता तंत्रों में सव्रिच्च्यता से भाग लिया है।’’ मोदी ने कहा कि भारत ने किर्गिज गणराज्य की अध्यक्षता को पूरा सहयोग दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा स्थिति, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग, लोगों के बीच संपर्क और अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। सम्मेलन से इतर, मेरी कई नेताओं से द्विपक्षीय बैठक करने की भी योजना है।’’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी को मजबूत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिश्केक में 13-14 जून 2019 को शंघाई सहयोग संगठन परिषद के राष्ट्र प्रमुखों की बैठक में शामिल होने के लिए दो दिवसीय यात्रा आरंभ की। वह फिर से चुने जाने के बाद पहले बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।’’ कुमार ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘एससीओ सम्मेलन के बाद 14 जून का दिन किर्गिज गणराज्य की यात्रा के द्विपक्षीय भाग के लिए होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति जीनबेकोव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता होगी और वे किर्गिस्तान के राष्ट्रपति के साथ मिलकर भारत-किर्गिज व्यापार मंच का उद्घाटन करेंगे।’’ उल्लेखनीय है कि विदेश मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा था कि एससीओ सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक होने की योजना नहीं है। मोदी ने कहा, ‘‘एससीओ सम्मेलन संपन्न होने के बाद, किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति के आमंत्रण पर मैं 14 जून 2019 को वहां की आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा पर भी होऊंगा।’’ उन्होंने कहा कि भारत और किर्गिज गणराज्य के बीच ऐतिहासिक और सभ्यताओं के संबंध हैं। दोनों देश पारपंरिक रूप से मधुर संबंध साझा करते हैं। ‘‘हाल के समय में हमारे संबंध रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और निवेश सहित कई द्विपक्षीय क्षेत्रों में विस्तृत हुए हैं। ’’ मोदी ने कहा, ‘‘द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर चर्चा करने के अलावा राष्ट्रपति जीनबेकोव और मैं संयुक्त रूप से भारत- किर्गिज बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे।