हॉस्पिटल में करें सेंट्रल आॅक्सीजन की प्लानिंग

हॉस्पिटल में करें सेंट्रल आॅक्सीजन की प्लानिंग

ग्वालियर ।  जेएएच के अस्पताल में आक्सीजन की समस्या को दूर करने के लिए सेंट्रल आॅक्सीजन सिस्टम की प्लानिंग की जाए। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन लेटेस्ट टेक्नॉलॉजी वाली लिक्विड आक्सीजन वाले सिस्टम में कितना खर्चा आएगा है और अभी यह सिस्टम प्रदेश के किस कॉलेज में यूज किया जा रहा है, उस कॉलेज से इसकी रिपार्ट लिखित में जाए। सेंट्रल आॅक्सीजन सिस्टम कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, मेडिसिन, आईसीयू में लगाया जाए। इससे 100 किलो से ज्यादा लोहे का सिलेंडर जगह-जगह ले जाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा और बार-बार सिलेंडर बदलने की झंझट से भी मुक्ति मिल जाएगी। यह निर्देश संभागायुक्त महेशचंद्र चौधरी ने अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दिए। इस समय अस्पताल में आॅक्सीजन गैस के तौर पर यूज हो रही है, लेकिन लिक्विड आॅक्सीजन तकनीक बेहतर है। चौधरी ने न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी विभाग के निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी मिली, इस पर उन्होंने बीवीजी कंपनी के अधिकारियों से कहा, हमारी सहन शक्ति से बाहर हो रहा है ,15 दिन में व्यवस्थाओं को और बेहतर करें। एक वार्ड में कूलर भी बंद मिला। मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी, पीआईयू के अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से पहले भूमि समतलीकरण व प्लांटेशन का काम कराया जाए। इस मौके पर प्रभारी डीन डॉ. दिलीप कोठारी, जेएएच सहायक अधीक्षक डॉ. अमित जैन, न्यूरोलॉजी के सहायक अधीक्षक डॉ. विनीत चतुर्वेदी, डॉ. दिनेश उदैनिया आदि मौजूद रहे। सफाई कर्मचारी को सफाई करने दो:सफाई की व्यवस्था पर चर्चा के दौरान बीवीजी कंपनी के अधिकारी ने शिकायत की कि हमारे सफाई कर्मचारियों से प्रबंधन द्वारा वार्डबॉय का काम कराया जाता है। इस पर संभागायुक्त चौधरी ने अधीक्षक डॉ. मिश्रा को निर्देश दिए कि सफाई वाले को सफाई वाला ही रहने दो, उससे स्ट्रेचर नहीं खिंचवाओ। आप पर वार्ड बॉय की कमी है तो आउटसोर्स से भर्ती करवाओ, लेकिन इस कंपनी के कर्मचारी को उसका काम करने दो। सफाई को बेहतर करने के लिए सफाई ठेका कंपनी से डस्टिबन की डिमांड ली जाए।