अहिंसा की भावना को अपनाना चाहिए, यह भगवान महावीर का संदेश था: मुुनिश्री

One should adopt the spirit of non-violence, this was the message of Lord Mahavir: Munishree

अहिंसा की भावना को अपनाना चाहिए, यह भगवान महावीर का संदेश था: मुुनिश्री

ग्वालियर। अहिंसा सबकी अपनी है, दया और करुणा दूसरों की है। हम किसी जीव को हानि नहीं पहुंचाते हैं, यह हमारा अपना है। हमें दया और करुणा के लिए दूसरे व्यक्ति की आवश्यकता होती है, इसलिए हमें अपने विचारों में मजबूती लाते हुए अहिंसा की भावना को अपनाना चाहिए, यही भगवान महावीर का संदेश था। धन्य है यहां के वह व्यक्ति जो जन्मभूमि में रहते हैं। यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर ने रविवार को तानसेन नगर स्थित न्यू कॉलोन में धर्मचर्चा में कही। इस अवसर पर मुनिश्री विजयेश सागर भी उपस्थित थे। मुनिश्री ने कहा कि जीवन की अनमोल वस्तु चरित्र है। आचरण अमूल्य है। भगवान महावीर, श्रीराम आदि सभी आचरण से ही इस मुकाम पर पहुंचे हैं। आचरण के बिना मोक्ष संभव नहीं है। व्यक्ति जन्म से नहीं आचरण से महान व परमात्मा बनता है। भगवान शांतिनाथ की मंत्रों से अभिषेक कर पूजा हुई: जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विहर्ष सागर ने मंत्रों से भगवान शांतिनाथ का अभिषेक एवं शांतिधार अजय जैन, विजय जैन ने की। भगवान का पूजन मुनिश्री ने अष्टद्रव से कराया व दीपों से आरती उतारी।