ई-टेंडर घोटाले की तर्ज पर निगम में रेट हुए लीक ठेकेदार ने जताई आपत्ति, होंगा टेंडर निरस्त

ई-टेंडर घोटाले की तर्ज पर निगम में रेट हुए लीक ठेकेदार ने जताई आपत्ति, होंगा टेंडर निरस्त

ग्वालियर प्रदेश में ई-टेंडर घोटाले की तर्ज पर नगर निगम में डाले जा रहे टेंडर में दरे लीक होने का खुलासा हुआ है। जिसके बाद ठेका लेने से वंचित हुइ ठेकेदारी फर्मो ने निगमायुक्त व टेंडर समिति के सामने आपत्ति दर्ज करवाकर शिकायत कर दी है। जिसके बाद मामले की जांच पुलिस की सायबर सेल से करवाने की तैयारी हो रही है। नगर निगम द्वारा वार्ड क्रमांक 29 में लगभग 1.20 करोड़ की राशि से सीसी रोड बनवाने के लिए टेंडर क्रमांक 2019 यूएडी 71170 लगवाया गया था। जिसके बाद कार्य के लिए 6 फर्मो ने आॉनलाइन आवेदन दिया। लेकिन आॅनलाइन प्रक्रिया के चलते मेसर्स नंदन मुखरैया सहित पांच फर्मो के आवेदन निरस्त कर दिए गए। मामले की खोजबीन पर मेसर्स नंदन मुखरैया द्वारा टेंडर भरने के आखिरी दिन दोपहर 3.30 बजे निविदा दर 30 प्रतिशत ब्लो भरने व उसके ठीक बाद शाम 5.25 बजे कृष्णा कंस्ट्रक्शन ने आॅनलाइन प्रोसेस से निविदा दर 30.1 प्रतिशत ब्लो दर भरने का खुलासा हुआ। इसी के बाद निगम में टेंडर डालने वाली फर्मो के बीच हड़कंप मच गया और मेसर्स नंदन मुखरैया द्वारा डाली दर से मात्र 0.1 प्रतिशत ज्यादा दर भरने को कहीं न कहीं टेंडर कोड की श्रेणी में माना गया। साथ ही सायबर विशेषज्ञ व टेंडर सेल को निशाने पर लेकर ठेका लेने वाली कृष्णा कस्ट्रक्शन को रेट कोड होने को लेकर अधिकारी पशोपेश में दिखे। पोल खुलते ही टेंडर निरस्ती की है तैयारी टेंडर दरों को लेकर हुए गड़बड़झाले की शिकायत निगमायुक्त के पास पहुंचने पर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। साथ ही उम्मीद दर्ज की जा रही है कि शुक्रवार-शनिवार में टेंडर निरस्ती के आदेश जारी हो जाएगें।