8 अक्टूबर दशहरे पर मिलेगा विजय अस्त्र, राफेल को लेने फ्रांस जाएंगे राजनाथ

8 अक्टूबर दशहरे पर मिलेगा विजय अस्त्र, राफेल को लेने फ्रांस जाएंगे राजनाथ

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल को रिसीव करने खुद फ्रांस जाएंगे। पहले ये विमान भारत को 20 सितंबर को मिलने वाले थे, लेकिन अब 8 अक्टूबर को राफेल विमान मिलेंगे। विजयादशमी के दिन कई जगह शस्त्रों की पूजा की जाती है, ऐसे में भारत को सबसे बड़ा हथियार मिलेगा।

राफेल के लिए 17 स्क्वाड्रन होगी शुरू

वायुसेना अपनी गोल्डन ऐरोज 17 स्क्वाड्रन को फिर शुरू करेगी, जो राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली इकाई होगी। वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर एक समारोह में 17 स्क्वाड्रन को फिर से शुरू करेंगे। करगिल युद्ध के समय 1999 में धनोआ ने गोल्डन ऐरोज 17 स्क्वाड्रन की कमान संभाली थी।

अंबाला में होगा तैनात : भारत- पाक सीमा करीब 220 किमी दूर पहले अंबाला वायु सेना केंद्र में तैनात होगा। दूसरी स्क्वाड्रन प. बंगाल के हासीमारा केंद्र में तैनात रहेगी।

स्पीड : अधिकतम स्पीड 2,130 किमी/ घंटा व 3700 किमी तक मारक क्षमता।

परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम : 75% विमान हमेशा आपरेशन के लिए तैयार, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम।

यहां हो चुका है यूज : राफेल को अफगानिस्तान, लीबिया, माली और इराक में इस्तेमाल किया जा चुका है।

टारगेट : 150 किमी की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल, हवा से जमीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल।

गारंटी : स्कैल्प मिसाइल की रेंज 300 किमी, हथियारों के स्टोरेज के लिए 6 महीने की गारंटी। वहीं 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की गारंटी भी है।

राफेल की खूबियां

► राफेल एक मिनट में 60 हजार फुट की ऊंचाई तक जा सकता है।

► अधिकतम भार उठाकर इसके उड़ने की क्षमता 24500 किलोग्राम है।

► विमान में फ्यूल क्षमता- 17,000 किलोग्राम है।

► यह दो इंजन वाला लड़ाकू विमान है, जो हर मिशन में भेजा जा सकता।

► 1 मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई और 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस।