प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान नहीं हुई एक भी हिसंक वारदात : आयोग

प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान नहीं हुई एक भी हिसंक वारदात : आयोग

भोपाल । मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों के बाद लोकसभा चुनाव में एक भी हिसंक वारदात की घटना नहीं हुई है, जबकि वर्ष 2014 के लोस चुनाव के समय हिंसक वारदात से जुड़ी घटनाओं के 22 मामले दर्ज किए गए थे। इसके विपरीत 2013 के विस चुनाव के समय 110 एफआईआर दर्ज की गई थीं, वहीं 2018 के चुनाव में एक भी हिंसक वारदात नहीं हुई और न ही ऐसे किसी मामले में एफआईआर दर्ज की गई। ऐसा चुनाव आयोग की सख्ती और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की वजह से हुआ है। 5 महीने पूर्व मप्र में हुए विधानसभा चुनाव और 4 चरणों के लोकसभा चुनावों में हिंसक वारदात का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि विभिन्न मामलों में पुलिस ने 3,375 एफआईआर जरूर दर्ज की है। चुनाव आयोग को मिली शिकायतों के अनुसार मतदाताओं को प्रलोभन देने पर अभी तक 178 एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं नकदी और विभिन्न तरह के सामान देकर वोट के लिए प्रलोभन देने के 268 मामले सामने आए। 178 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा 11,694 शिकायतों में से 2792 मामलों में शिकायतें सही पाई गई। इस वजह से एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। वाहनों के दुरूपयोग की 57,721 शिकायतें मिली हैं।