एवरेस्ट पर मिले कचरे को खजाने में बदलेगा नेपाल

एवरेस्ट पर मिले कचरे को खजाने में बदलेगा नेपाल

काठमांडू। माउंट एवरेस्ट को साफ-सुथरा रखने और गंदगी से बचाने के लिए नेपाल ने एक महीने का सफाई अभियान चलाया है। पर्वतीय क्षेत्र से अब तक 10,000 किलोग्राम से अधिक कचरा इकट्ठा किया गया है। इस ऐतिहासिक सफाई अभियान को सरकारी और गैर-सरकारी एजेंसियों ने मिलकर बेस कैंप और चार हाई कैम्प से शेरपा टीम को जुटाकर चलाया, जिसमें न केवल कचरे को एकत्रित किया गया, बल्कि चार शवों को भी हटाया गया। इन ठोस अवशेषों को काठमांडू के पास स्थित लैंडफिल साइट (अपशिष्ट पदार्थों को फेंकने की जगह) में फेंकने के बजाय, विभिन्न उत्पादों के लिए कच्चे माल खातिर इन्हें अलग किया गया। इसके बाद इन्हें संसाधित कर इनका पुनर्चक्रित (रिसाइकिल) किया गया।

10 टन कचरे में से 2 टन कचरे को किया गया पुनर्चक्रित

ब्लू वेस्ट टू वैल्यू के प्रधान नवीन विकास महारजन ने बताया, हमने एकत्रित सामग्रियों को पहले विभिन्न श्रेणियों में अलग-अलग किया, जैसे कि प्लास्टिक, कांच, लोहा, अल्युमीनियम और कपड़े। प्राप्त 10 टन कचरे में से दो टन का पुनर्चक्रित किया गया, जबकि बाकी बचे आठ टनों में अधजली वस्तुएं और मिट्टी से सने हुए आवरण होने की वजह से उनका पुनर्चक्रण नहीं किया जा सकता।

कांच से बने उत्पादों की होगी आनलाइन बिक्री

एवरेस्ट सफाई अभियान को और ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कंपनी ने अधिकारियों को पहाड़ी क्षेत्र में प्रारंभिक प्रसंस्करण इकाई को स्थापित करने का सुझाव दिया है, ताकि इन कचरों को जल्द से जल्द अलग कर इनका उचित प्रबंध किया जा सके। हालांकि मोवारे डिजाइन नामक एक अन्य फर्म इस काम में उनकी मदद करती है, ताकि पुनर्चक्रित कांच के उत्पाद बनाकर उन्हें आनलाइन बेचा सके।

कचरे का सदुपयोग करने ब्लू वेस्ट टू वैल्यू से जुड़े हैं 50 लोग

साल 2017 से 50 से अधिक लोग काठमांडू स्थित ब्लू वेस्ट टू वैल्यू से जुड़े हैं, यह एक सामाजिक उद्यम है जो कचरे से उपयोगी वस्तुएं बनाने का काम करती है। पहाड़ों से प्राप्त कचरे का पुनर्चक्रण करने के अलावा टीम नगरपालिकाओं, अस्पतालों, होटलों और विभिन्न कार्यालयों के साथ भी काम कर रही है, ताकि कचरे का अधिक से अधिक सदुपयोग किया जा सके और लैंडफिल में भेजे गए कचरों की मात्रा को कम किया जा सके और हरित रोजगार का सृजन किया जा सके।