महिला नक्सली ने नवजात शिशु के साथ किया आत्मसमर्पण

महिला नक्सली ने नवजात शिशु के साथ किया आत्मसमर्पण

रायपुर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले में इनामी महिला नक्सली ने नवजात शिशु के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कांकेर जिले के पुलिस अधिकारियों ने आज यहां बताया कि माओवादी सुनीता उर्फ हुंगी कट्टम :30: ने बुधवार को जिले के पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुनीता सुकमा जिले के ंिचतलनार थाना क्षेत्र की निवासी है तथा उत्तर बस्तर डिवीजन के अंतर्गत कुंएमारी एलओएस की सदस्य है। सुनीता के सिर पर एक लाख रूपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि सुनीता ने राज्य शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर तथा माओवादियों की खोखली विचारधारा, उनके शोषण, अत्याचार और ंिहसा से तंग आकर आत्मसमर्पण किया है। सुनीता के साथ लगभग एक सप्ताह का नवजात शिशु भी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुनीता 2014 में संगठन में भर्ती हुई थी। उसने वर्ष 2014 से वर्ष 2015 तक बासागुड-ा एलओएस सदस्य के रूप में काम किया और वर्ष 2015 के अप्रैल माह से उत्तर बस्तर डिवीजन के कुंएमारी एलओएस सदस्य के रूप में काम कर रही थी। सुनीता ने पुलिस को बताया कि 2018 में किसकोड-ो एरिया कमेटी के अंतर्गत प्लाटून नंबर 17 के सदस्य मुन्ना मण्डावी के साथ उसने शादी की थी। संगठन में रहने के दौरान गर्भवती होने से संगठन वालों ने उसे छोड- दिया। वह करीब एक माह से कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चिलपरस गांव में रह रही थी। इस महीने की 12 तारीख को जब पुलिस दल चिलपरस गांव पहुंची तब उसने आत्मसमर्पण करने का फैसला किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुनीता का नवजात शिशु जन्म से ही कमजोर है। उसे इलाज के लिए कांकेर के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि सुनीता 11 मार्च 2018 को ताड-ोकी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मसपुर गांव के जंगल में पुलिस दल के साथ मुठभेड- की घटना में शामिल थी। इस मुठभेड- में सीमा सुरक्षा बल :बीएसएफ: के असिस्टेंट कमांडेण्ट गजेन््रद ंिसह और आरक्षक अमरेश कुमार शहीद हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली नक्सली को 10 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि प्रदान किया गया है। वहीं नियमानुसार शासन से मिलने वाली सहायता भी दी जाएगी।