संगीत की स्वर लहरियों ने किया मंत्रमुग्ध

संगीत की स्वर लहरियों ने किया मंत्रमुग्ध

भोपाल   पीपुल्स विश्वविद्यालय ने सोसाइटी फॉर द प्रमोशन आॅफ इंडियन क्लासिकल म्यूजिक एंड कल्चर अमंग यूथ (स्पिकमैके) के सहयोग से सूफी गायन का आयोजन किया। स्पिक मैके छात्रों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के विभिन्न आयामों के बारे में जागरूकता पैदा करके औपचारिक शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने पर काम करता है। यह युवाओं को अपनी विरासत का परिचय और अनुभव करने के लिए प्रेरित करता है। यह आयोजन पीपुल्स विश्वविद्यालय में छात्रों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध कला से रूबरू कराने के उदेश्य से किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सूफी गायकों के प्रतिष्ठित समूह ने पीपुल्स यूनिवर्सिटी में अपने सूफियाना लोक संगीत से समां बांधा। मुख्य रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले से ताल्लुक रखने वाले समूह के भुगार खान, रोशन खान, सवाई खान, दादा खान, ददन खान, इंदु खान, भवरु खान और नेहरू खान ने सूफियाना संगीत की स्वर लहरियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया । '..पधारो मारे देस ... छाप तिलक सब छीनी .. ..निंबुड़ा निंबुड़ा ... दमा दम मस्त कलंदर... पल्लू लटके ...आदि एक से बढ़कर एक गीत पेश किए। दो कलाकारों की जुगलबंदी ने भी खूब रोमांचित किया। ढोलक पर सवाई खान जुगलबंदी में निरंतर बने रहे । भवरु खान ने डबल बांसुरी पर परफॉर्म किया। रोशन खान ने मोर्चन और भुगर खान ने बप्पन और खरताल को बजाया। ट्रस्टी एंड डायरेक्टर पीपुल्स ग्रुप मेघा विजयवर्गीय, कुलपति पीपुल्स यूनिवर्सिटी डॉ राजेश कपूर और डॉ नीरजा मल्लिक रजिस्ट्रार ने सूफी कलाकारों की टीम को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। संस्थानों के प्रमुख, डीन, डॉक्टर, संकाय सदस्य, कर्मचारी और छात्रों ने कार्यक्रम का खूब आनंद लिया।