मंत्री प्रद्युम्न के क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर आंदोलन

मंत्री प्रद्युम्न के क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर आंदोलन

ग्वालियर। प्रदेश के खाद्य मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के वार्ड के निवासियों ने पेयजल संकट को लेकर बुधवार सुबह पाताली हनुमान मंदिर के सामने धरना देकर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि 15 दिन पहले अधिकारियों को समस्या से अवगत करा दिया था, लेकिन आज तक उसका समाधान नहीं हो सका, जिससे भीषण गर्मी में क्षेत्र के रहवासी परेशान हैं। स्थिति की नजाकत को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पीएचई अधिकारियों द्वारा गुरुवार से बोरिंग शुरु कराने का लिखित आश्वासन देने पर आंदोलन खत्म हुआ। गौरतलब है कि जिस वार्ड क्र. 17 के लोगों ने यह आंदोलन किया, उसी में मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर का आवास है, उनके घर से चंद कदम की दूरी की बोरिंग सूख जाने से ये संकट उत्पन्न हुआ। स्वयं प्रद्युम्न सिंह ग्वालियर प्रवास के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आधी रात के बाद जाकर गंदे पानी और पेयजल की स्थिति का जायजा ले रहे हैं, इसके बाद भी खुद उनके वार्ड में भी पेयजल का संकट इतना बढ़ गया कि लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा।

आंदोलन से पहले पुलिस को किया सूचित

वार्ड क्र. 17 में आने वाले कांच मिल और आरा मिल क्षेत्र के वाशिंदों ने बुशवार को पाताली हनुमान मंदिर के सामने भूख हड़ताल शुरु करने की सूचना हजीरा थाने को पत्र द्वारा दी। इसमें बताया गया कि 15 दिन से उनके क्षेत्र में पानी की समस्या है, इससे सभी नेताओं और अधिकारियों को अवगत कराया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। नगर निगम के इंजी. विष्णु पाल ने आश्वासन दिया कि 7 जून तक हर हाल में पानी मिल जाएगा। इसके बाद 9 जून को लोगों ने चक्काजाम कर दिया था। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रदीप तोमर ने 10 जून की शाम से पानी देने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था।

महिलाओं ने संभाला मोर्चा

जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सैकड़ों क्षेत्रीय नागरिक बुधवार को सड़क पर उतर आए। महिलाएं अपने बच्चों के साथ धरने पर बैठ गर्इं। इससे वहां जाम लग गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गर्इं। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें उठाना चाहा, लेकिन बात नहीं बनी। यह धरना करीब 3 घंटे चला।

15 टैंकरों से आपूर्ति

आरामिल क्षेत्र में तिघरा का पानी नहीं पहुंचने से टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है। एक बोरिंग सूख जाने से 25 घरों में पानी का संकट हो गया। इनके लिए 15 टैंकर भेजे जा रहे हैं। फिर भी लोग परेशान हैं।