मोदी बोले- भारतीय परंपरा में रोबोट नहीं, इंसान होते हैं पैदा

मोदी बोले- भारतीय परंपरा में रोबोट नहीं, इंसान होते हैं पैदा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली के द्वारका के डीडीए ग्राउंड में 107 फीट के रावण के पुतले का दहन किया। मोदी के साथ दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी और पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा मौजूद रहे। रावण दहन से पहले मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित किया। मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत जय श्रीराम से की। उन्होंने कहा, शायद ही 365 दिन में कोई एक दिन हो जहां भारत में कोई उत्सव ना मनाया जाता हो। उत्सव हमें जोड़ते हैं और उमंग भरते हैं। ये नए सपनों को सजने का सामर्थ्य देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में रोबोट पैदा नहीं होते, इंसान पैदा होते हैं। 

उत्सव हमें जोड़ते और मोड़ते हैं:

इस मौके पर मोदी ने कहा, नवरात्रि के नौ दिन हिन्दुस्तान के हर कोने में पर्व मनाया गया। शक्ति आराधना का पर्व है। ये शक्ति की आराधना भीतर की कमी से मुक्ति के लिए है। 

उत्सवों की भूमि है भारत

मोदी ने कहा कि भारत उत्सवों की भूमि है, शायद ही 365 में कोई एक दिन बचा होगा जब हिंदुस्तान के किसी न किसी कोने में उत्सव ना मनाया जाता हो। हजारों साल की सांस्कृतिक परम्परा के कारण हमारे देश ने उत्सवों को भी संस्कार का शिक्षा का और सामूहिक जीवन का एक निरंतर प्रशिक्षण करने का काम किया है। 

बेटियों का हो सम्मान

मोदी ने कहा कि जिस देश में लक्ष्मी की पूजा होती है, हमारी बेटियां लक्ष्मी का रूप होती हैं। इस दिवाली पर जिन बेटियों ने कुछ अचीव किया है, सामूहिक कार्यक्रम कर इन बेटियों को सम्मानित करना चाहिए। 

देश की भलाई के लिए लें संकल्प

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की भलाई के लिए एक संकल्प लें। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी बचाना भी संंकल्प हो सकता है। नो फर्स्ट यूज प्लास्टिक का अभियान चलाएं।