मोदी बोले-सरकार बजट सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार

मोदी बोले-सरकार बजट सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंदी के मद्देनजर देश की आर्थिक समस्याओं पर व्यापक विचार विमर्श की आवश्यकता पर जोर देते हुए गुरुवार को कहा कि सरकार संसद के बजट सत्र में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। मोदी ने बजट सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में कहा कि संसद का कामकाज सुचारु रुप से चलाना प्रत्येक सांसद का कर्तव्य है और बजट सत्र के दौरान सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। संसद का बजट सत्र शुक्रवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा और एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘ज्यादातर सदस्यों ने आर्थिक स्थिति पर चर्चा करने को कहा है। मैं इसका स्वागत करता हूं। हमें सभी सुझायें गये मुद्दों पर चर्चा करने की आवश्यकता है।’ प्रधानमंत्री ने सांसदों से वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में देश को फायदा कराने के तरीकों पर भी विचार करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, ‘हमें इस पर विचार करना चाहिए कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य को भारत के पक्ष में करने पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस बजट सत्र में और नये वर्ष की शुरूआत में अगर हम देश की अर्थव्यवस्था को उचित दिशा दे सके तो यह देशहित में होगा।’ विभिन्न दलों के नेताओ द्वारा उठाए गए मुद्दों पर मोदी ने कहा कि सरकार इनसे सहमत है और सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने संसद की उत्पादकता बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे जनहित के काम हो सकेंगे।

सरकार का रुख उनका अहंकार दिखाता है: आजाद

बैठक के बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों पर सरकार का रुख उसका अहंकार दिखाता है, उसने प्रदर्शनकारियों से संपर्क करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा कि करीब सवा महीने से देश की आधी आबादी सड़कों पर है। उन्होंने कहा कि महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग इस ठंड में सड़कों पर हैं, आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है कि कोई जिए या मरे।

अभद्र भाषा का मुद्दा उठाया

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने बताया कि सरकार के कुछ मंत्रियों और बीजेपी के कुछ सांसदों द्वारा अभद्र शब्दों के इस्तेमाल के मुद्दे को भी उठाया गया। यह पूछे जाने पर कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष की ओर से उठाए गए मुद्दों पर क्या प्रतिक्रिया दी, शर्मा ने कहा कि उन्होंने (प्रधानमंत्री) ये बातें ध्यान से सुनीं। द्रमुक और वाम दलों ने भी कहा कि बैठक में सीएए, फारूक अब्दुल्ला की रिहाई के मुद्दे को उठाया गया। द्रमुक के टीआर बालू ने कहा कि हमने नैशनल कॉन्फ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला को तत्काल रिहा करने की मांग उठाई।

इन नेताओं ने लिया हिस्सा

सरकार की ओर से गुरुवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अधीर रंजन चौधरी, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, द्रमुक के टी आर बालू, एनसीपी की सुप्रिया सुले, बीएसपी के रितेश पांडे, बीजू जनता दल के प्रसन्न आचार्य आदि शामिल हुए। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कायर्मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान आदि मौजूद थे।