श्योपुर के सहारिया क्षेत्र में पहुंचीं मंत्री , सुपरवाइजर रेखा निलंबित

श्योपुर के सहारिया क्षेत्र में पहुंचीं मंत्री , सुपरवाइजर रेखा निलंबित

ग्वालियर।   कुपोषण के लिए बदनाम श्योपुर जिले में सहारिया जनजाति परिवारों के मासूम बच्चे कुपोषण के कारण संकट में हैं। विजयपुर, कराहल, अगरा में 50 से अधिक बच्चे बीमार होकर एनआरसी में भर्ती हैं। जबकि पिछले दो माह में 11 बच्चों की मौत भी हो चुकी है। मामले को प्रदेश सरकार ने गंभीरता से लिया है। रविवार को महिला एंव बाल विकास मंत्री इमरती देवी जिले के विजयपुर, कराहल और अगरा जैसे कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं। उन्हें भी कई घरों में कुपोषित बच्चे मिले। इन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के लिए कहा है। लापरवाही के चलते उन्होंने सुपरवाइजर रेखा अग्रवाल को निलंबित कर दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र को देखते हुए सरकार सतर्क है। शनिवार को आयुक्त महिला एवं बाल विकास विभाग एमबी ओझा को भेजा था। उन्होंने जब स्वीकार किया कि सहारिया परिवारों में कुपोषण के लक्षण दिखते हैं। इसके साथ ही सरकार ने रविवार को विभागीय मंत्री को भेज दिया। उन्होंने कराहल, विजयपुर और अगरा क्षेत्र में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इमरती देवी ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी है।

कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए कहा

मंत्री ने विजयपुर में मीडिया से कहा है कि हमें कई परिवारों में कुपोषित बच्चे मिले हैं। उन्हें एनआरसी में भर्ती कराने के लिए कहा है। लेकिन कई माताएं इसके लिए तैयार नहीं दिखीं तो उनसे कहा है कि अस्पताल में भर्ती कराओ। कई महिलाओं ने मंत्री से कहा कि हमारे अन्य बच्चे भी साथ जाएंगे तो मंत्री उन्हें भी साथ रखने के लिए कहा। इसके साथ ही एक हजार रुपए प्रति परिवार कुपोषित बच्चे के पोषण के लिए देने की घोषणा की। मंत्री के साथ चंबल आयुक्त रेनू तिवारी भी थीं।

प्रभारी मंत्री बोले, आठ दिन पहले ही गया था

जिले के प्रभारी मंत्री लाखन सिंह ने पीपुल्स समाचार से कहा कि आठ दिन पहले ही मैं श्योपुर गया था, लेकिन जब यह सवाल किया गया कि अब तक 11 मौत हो चुकी हैं और आपने पीड़ितों के बीच जाना जरूरी नहीं समझा तो बोले, विधानसभा के बाद श्योपुर जाऊंगा। मालूम हो कि उन्होंने अभी तक कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास अधिकारी से फीडबैक तक नहीं लिया है।

आयुक्त ओझा ने माना कुपोषण है

महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एमबी ओझा ने श्योपुर भ्रमण के दौरान मीडिया से चर्चा में कुपोषण होने की बात स्वीकारी है, लेकिन कहा कि यह मौतें कुपोषण के कारण से हैं, यह नहीं कहा जा सकता। विधानसभा सत्र के बाद श्योपुर जाऊंगा विधानसभा सत्र के बाद श्योपुर जाऊंगा। हालांकि आठ दिन पहले ही होकर आया हूं। -लाखन सिंह यादव, प्रभारी मंत्री