माइक्रोसॉफ्ट ने गठित की नेशनल क्लिनिकल को-आर्डिनेशन कमेटी

माइक्रोसॉफ्ट ने गठित की नेशनल क्लिनिकल को-आर्डिनेशन कमेटी

मुंबई। स्वास्थ्य सेवा पहल के लिए माइक्रोसॉफ्ट के एआई नेटवर्क के तहत माइक्रोसॉफ्ट इण्डिया और अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप ने एआई पॉवर्ड कार्डियोवैस्कुलर डिजीज रिस्क स्कोर एपीआई (एप्लीकेशन प्रोग्राम इंटरफेस) के लिए एक नेशनल क्लिनिकल को-आर्डिनेशन कमेटी (एनसीसीसी) की स्थापना की है। इस कमेटी में अपोलो हॉस्पिटल्स, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली और किंग जॉर्ज मेडिकल युनिवर्सिर्टी, लखनऊ से अग्रणी चिकित्सक शामिल हैं। कार्डियोवैस्कुलर रोग यानी दिल की बीमारियां भारत में मौतों का सबसे बड़ा कारण है। 25 से 69 आयु वर्ग में होने वाली तकरीबन 25 फीसदी मौतें दिल की बीमारियों के कारण ही होती हैं। यूरोपीय लोगों की तुलना में भारतीयों में यह बीमारी तकरीबन एक दशक पहले ही हो जाती है। भारतीयों में दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपोलो हॉस्पिटल्स और माइक्रोसॉफ्ट इण्डिया ने 2018 में अपनी तरह का पहला एआई पॉवर्ड सीवीडी रिस्क स्कोर एपीआई लॉन्च किया। जिसे खास तौर पर भारतीय आबादी में दिल की बीमारी के जोखिम का पूर्वानुमान लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। अब तक अपोलो हॉस्पिटल्स में 2,00,000 से अधिक लोगों की जांच एआई पॉवर्ड एपीआई द्वारा की जा चुकी है और कई मामलों में चिकित्सक 5 से 7 साल पहले ही बीमारी की संभावना का पता लगाने में सक्षम रहा। माइक्रोसॉफ्ट अजयोर पर आधारित एपीआई कई कारकों जैसे जीवनशैली, आहार, तम्बाकू एवं धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि मनौवैज्ञानिक तनाव एवं चिंता के आधार पर भारतीय आबादी में सटीक सीवीडी रिस्क स्कोर (दिल की बीमारियों की संभावना) का अनुमान लगा लेता है।