गर्मियों में घर को बनाएं इको फ्रेंडली

गर्मियों में घर को बनाएं इको फ्रेंडली

अपने घर के डेकोर को इको फ्रेंडली बनाएं और फिर घर के माहौल में आए इस आश्चर्यचकित अंतर को खुद महसूस कीजिए। आमतौर पर यह भ्रम है कि घर को इको फ्रेंडली लुक देने में बहुत पैसे खर्च होते हैं जबकि यह सच नहीं है। आप बहुत कम खर्च में छोटी-छोटी ज़रूरी बातों का ख्याल रखकर भी अपने घर को इको फ्रेंडली बना सकते हैं।
घर को इको फ्रेंडली बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी है कि इको फ्रेंडली प्रॉडक्ट यानी हर्बल प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करें। जैसे घर में रोज़ाना इस्तेमाल होने वाला सामान, जिसमें अगरबत्ती, मोमबत्तियां, शैंपू, साबुन आदि और भी चीज़ें शामिल हैं वे सब चीज़ें हर्बल हों। यहां हम यह नहीं बोल रहे हैं कि आप अपने घर में पहले से यूज़ हो रहे सामान को फेंक दें लेकिन हां, जब वह खत्म हो जाए तो उसकी जगह हर्बल प्रोडक्ट्स ही खरीदें। यह आपके स्वास्थ्य और घर दोनों के लिए फायदेमंद हैं।

घर में रखें ये सामान
घर में इस्तेमाल होने वाले परदे, चादरें, कुशन कवर, डोर मैट आदि कॉटन, खादी व मलमल जैसे नेचुरल फैब्रिक इस्तेमाल करें। जहां तक इनके कलर की बात है तो इस समय गर्मी का मौसम है इसलिए प्राकृतिक कलर चुनें। जैसे हरा, नीला, सफेद, मिट्टी के अलग-अलग शेड्स वाले कलर। यानी प्रकृति के हर रंग को अपने घर में शामिल करें।

बांस की चटाई बढ़िया
इसके अलावा जमीन पर बिछाने के लिए बांस की चटाई का इस्तेमाल करें या फिर सूत की बनी दरियों का इस्तेमाल करें। खिड़कियों के लिए बांस की चिक व चिक परदे इस्तेमाल करें। यह दिखने में भी बहुत अच्छे लगते हैं साथ ही पर्यावरण के लिहाज से भी अच्छे रहते हैं।

प्लास्टिक को कहें न
घर को सजाने के लिए प्लास्टिक के फूलों का इस्तेमाल न करें। बल्कि रोज़ ताजे फूलों से घर को सजाएं। ताजे फूलों की महक से घर में शुद्धता का अहसास तथा घर में सुगंध छाई रहती है। ऐसे में रूम फ्रैशनर के इस्तेमाल से भी बचा जा सकता है। घर में प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करें। प्लास्टिक को अपने घर और जिंदगी से दूर ही रखें तो अच्छा है।
कोशिश करें कि घर में कुदरती रौशनी ज्यादा रहे। खिड़की व बालकनी में ऐसी कोई चीज़ न रखें जो रौशनी को अंदर आने से रोके। ज़रूरत न हो तो लाइट ऑफ रखें
घर हमेशा साफ रखें। ध्यान रहे कि सामान में धूल जमने न पाए क्योंकि डस्ट कई बीमारियों की जड़ होती है।
हमेशा घर में बिजली जलती नहीं रहनी चाहिए। इससे घर के अंदर हीट पैदा होती है। जब कमरे में ज्यादा रौशनी की जरूरत न हो तो मोमबत्ती जला लें। एक खूबसूरत से कैंडिल स्टैंड में जलती हुई मोमबत्ती बहुत सुंदर दिखती है।
घर को ठंडा रखने के लिए जमीन में ठंडक होना बहुत जरूरी है। गर्मियों में पूरे घर में सुबह-सायं और दिन में पोछा लगाएं ताकि जमीन की हीट थोड़ा कम हो सके ताकि घर ठंडा रहे।

कांच के बर्तन में गुलाब की पंखुड़ियां
मिट्टी या कांच के बोल में रोज साफ पानी भरें और उसमें गुलाब की ताज़ी पंखुड़ियां डाल दें। यह दिखने में भी बहुत सुंदर लगती है साथ ही बहुत अच्छी महक भी देती है। अगर गुलाब की पत्तियां न हों तो गेंदा या फिर चमेली, मोगरा जैसे फूलों का भी इस्तेमाल कर कर सकते हैं।
एसी का इस्तेमाल, जितना हो सके कम करें। पर्यावरण के लिहाज से एसी से बेहतर कूलर है। कूलर के पानी में आप सुगंध डाल दीजिए फिर देखिए घर में ठंडक के साथ-साथ घर का वातावरण भी सुगंधित हो जाएगा।
हालांकि, अब लोग मटके का इस्तेमाल कम और फ्रिज का पानी ज्यादा पीते हैं लेकिन यदि आप मटके का पानी पिएंगे तो यह आपकी सेहत के लिए ज्यादा अच्छा रहेगा। जब आप घर को इको फ्रेंडली बनाने की सोच रहे हैं तो उसमें मटके और सुराही को भी शामिल करें।
अपने घर के आसपास बगीचे, बालकनी में खूब सारे पौधे लगाएं। अपने आसपास खूब हरियाली रखें। आजकल प्लास्टिक के गमलों का चलन बढ़ रहा है लेकिन आप मिट्टी के गमलों का इस्तेमाल करें।

घर की दीवारों का रंग लाइट रखें
अगर घर में कलर करने की सोच रहे हैं तो घर की दीवारों को भी लाइट रंगों में रंगें। लाइट यलो व लाइट ग्रीन, हल्का नीला व सफेद कलर प्रकृति से करीबी का अहसास कराते हैं। इसलिए इन रंगों को घर में शामिल करें।
यह सभी चीज़ें मिलकर आपको एक सुखद और प्राकृतिक अहसास कराएंगी। आज के प्रदूषणभरे वातावरण में आप अपने घर के भीतर एक स्वच्छ वातावरण में सांस ले सकेंगे।