एक साल से छोटे शिशु को शहद चटाना हो सकता है खतरनाक

एक साल से छोटे शिशु को शहद चटाना हो सकता है खतरनाक

कुछ भारतीय घरों में ये परंपरा है कि बच्चे के जन्म के बाद ही उसे शहद चटाया जाता है। इसको बच्चे के स्वस्थ्य रखने के लिए एक तरह का घरेलू नुस्खा मानते हैं। लेकिन साइंस के मुताबिक एक साल से छोटे बच्चों को शहद खिलाना खतरनाक हो सकता है। दरअसल, अमेरिकी यूनिवर्सिटी के अनुसार शहद में एक खतरनाक बैक्टीरिया है, जो बच्चों की सेहत खराब कर सकता है। शहद को एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि माना जाता है। ये एंटीआॅक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। कहते हैं शहद खाने से स्वास्थ्य लाभ है, जिनके कारण आयुर्वेद में इसे बहुत गुणकारी माना जाता है। लेकिन ये एक साल से छोटे बच्चे को बेहद ही खतरनाक हो सकता है। रिसर्च के अनुसार इसमें एक खास बैक्टीरिया होता है, जिसे क्लॉस्ट्रीडियम या सीबॉट्यूलीनियम कहते हैं। ये एक ऐसा बैक्टिरिया है जो तेजी से बढ़ता है और एक खास तरह का टॉक्सिक पदार्थ बनाता है, जिसे बॉट्यूलीनियम कहा जाता है। कहते हैं कि छोटे शिशुओं का इम्यून सिस्टम विकसित नहीं होता है। इसलिए इन नन्हें शिशुओं का शरीर इस बैक्टीरिया के खिलाफ नहीं लड़ सकता है। ये बैक्टीरिया बच्चे के शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। इस बैक्टीरिया से प्रभावित होने के बाद सबसे पहला लक्षण कब्ज दिखाई देता। जिसके चलते शिशु को टॉयलेट नहीं होता है। इसके साथ शिशु को पाचन और श्वास संबंधी बीमारी हो सकती है। ये बीमारी इतनी खतरनाक हो सकती है कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है। इससे बच्चे का शरीर भी कमजोर हो सकता है। अगर ये बीमारी गंभीर हो गई तो बच्चे की जान भी जा सकती है।