कर्नाटक: शाही परिवार ने की शमी पेड़ की पूजा

कर्नाटक: शाही परिवार ने की शमी पेड़ की पूजा

मैसूरू । कर्नाटक में मैसूर शाही परिवार के तत्कालीन वंशज यदुवीर कृष्णादत्ता चमराज वादियार ने विजय दशमी के मौके पर परंपरा निभाते हुए महल में शमी पेड़ की पूजा-अर्चना की। इसके अलावा मैसूर महल में वज्रमुष्टी कलगा का आयोजन किया गया है। यह मार्शल आर्ट का एक प्राचीन रूप है। 

शनि के प्रकोप से बचाता है शमी का पेड़

ऐसा माना जाता है कि घर में शमी का पेड़ लगाने से देवी- देवताओं की कृपा होती है और सुख-समृद्धि आती है। यह शनि के कोप से भी बचाता है। इस पेड़ में प्राकृतिक तौर पर अग्नि तत्व पाया जाता है। यह पीपल के पेड़ का भी विकल्प है। कहा जाता है पीपल और शमी ऐसे दो वृक्ष हैं, जिनपर शनि का प्रभाव होता है। मान्यता है कि यदि घर में शमी का पेड़ लगाकर उसमें नियमित रूप से सरसों के तेल का दीपक जलाया जाए तो शनि के कुप्रभाव से बचा जा सकता है।