पृथ्वी और सूर्य की सीध में आया जुपिटर

पृथ्वी और सूर्य की सीध में आया जुपिटर

इंदौर । सौरमंडल में सोमवार को सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर सूर्य और पृथ्वी की सीध में आ पहुंचा। इस वजह से सोमवार को जुपिटर पृथ्वी से सबसे कम दूरी पर रहा, जिससे यह आकार में तुलनात्मक रूप से कुछ बड़ा और चमकीला नजर आया। जुपिटर एट अपोजिशन की यह खगोलीय घटना हर 13 महीने बाद होती है। अगले वर्ष यह खगोलीय घटना 14 जुलाई 2020 को होगा, तब बादलों में इसे देखे जाने की संभावना कम होगी, इसलिए आकाश में इस ग्रह को देखा जा सकेगा। 79 उपग्रह के साथ जुपिटर का है मिनी सोलर सिस्टम : भारत सरकार का नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान संचारिका सारिका घारू के मुताबिक अपने 79 मून के साथ एक मिनी सोलर सिस्टम की तरह है। जुपिटर की बनावट सूर्य के ही समान हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना है, लेकिन इतना द्रव्यमान नहीं है कि वह जल कर सूर्य की तरह तारा बन सके।

टेलीस्कोप से उपग्रह भी देखे जा सकते हैं

जुपिटर को इन दिनों शाम को पूर्वोत्तर दिशा में चमकते पिंड को देखा जा सकता है। यह शाम 7 बजे के बाद पूर्व उदय होकर सुबह लगभ 5 बजे पश्चिम में अस्त होता है। बाइनाकुलर या टेलीस्कोप है तो आप इसके 4 बड़े चंद्रमा लो, यूरोपा, सेलिस्टो, गेनीमिड को भी देख सकते हैं।