हाईटेंशन लाइन को साधने लगाई जेसीबी, क्रेन, क्षेत्रवासी दहशत में

हाईटेंशन लाइन को साधने लगाई जेसीबी, क्रेन, क्षेत्रवासी दहशत में

ग्वालियर ।  शहर को नरक निगम बनाने वाली नगर निगम की अमृत योजना शहरवासियों के लिए परेशान बन गई है। अभी तक शहर में खराब सड़कें व गड्ढे नागरिकों को परेशान कर रहे थे, लेकिन वैष्णो बिहार कॉलोनी में अब हाईटेंशन लाइन का खंभा क्षेत्रिय नागरिकों के लिए टेंशन बना हुआ है। स्थिति यहां तक आ गई है कि इस अमृत के तहत खोदा गया गड्ढा तो नहीं भरा गया है, जबकि खंभे को गिरने से बचाने के लिए जेसीबी व क्रेन लगाई है, अब यह है कि हाईटेंशन की लाइन के खंभे से हादसे को रोकने के लिए कब तक क्रेन व जेसीबी लगी रहेगी। इसके लिए जिम्मेदार नगर निगम के अधिकारी इस क्षेत्र की समस्याओं को जानकर भी अनजान बने हुए हैं और गुढ़ी-गुढ़ा के नाके क्षेत्र के लोग खराब सड़कों से एक दो दिन नहीं, बल्कि पिछले 6 महीने से परेशान है। इस हाइटेंशन लाइन की वजह से गत दिवस इस क्षेत्र में पूरे दिन बिजली गुल थी और लोग परेशान होकर सरकार को कोस रहे थे।

कलेक्टर जता चुके हैं नाराजगी

अमृत योजना के तहत खोदी सड़कों से जनता की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर अनुराग चौधरी भी समीक्षा बैठक में नगरनिगम के अधिकारियों से खासे नाराज हुए थे। इसके साथ ही कलेक्टर ने निगम के अधिकारियों को खराब सड़कों की स्थिति पहले की तरह किए जाने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। अब देखना यह है कि कलेक्टर के निर्देश को निगम के अधिकारी कितनी गंभीरता से लेते हैं।

रास्ता बदला, रिश्तेदारों के घर वाहन पार्किंग

अमृत योजना की वजह से इस क्षेत्र के लिए जो मुख्य रास्ता था वह गड्ढों की वजह से बंद हो गया है इस कारण यहां के निवासियों ने आवागमन के लिए रास्ता तक बदल दिया है। इसके साथ ही जिन लोगों के पास दुपहिया या फिर चार पहिया वाहन है वह लोग अपने पहचान वालों या फिर रिश्तेदारों के यहांवाहन रख रहे हैं।

विधायक समस्याओं से अनजान

गढ़ी-गुढ़ा के नाके का यह क्षेत्र के कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक के विधासनभा में आता है, लेकिन विधायक जी जनता की इस समस्या को जानकर भी अनजान बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि विधायक ने चुनाव लड़ते समय तो हमारी समस्याओं को दूर करने का वादा किया था, लेकिन अब वह आते तक नहीं है। वैष्णों बिहार के साथ ही वार्ड-52 स्थित बालाजी पुरम में तो अमृत के लिए खोदी गई सड़क की हालत और भी बदतर हो चुकी है, यहां सड़क पर जगह-जगह मौत के गड्ढे हो चुके है। निगम के अधिकारी शायद यहां परकोई बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं।