आईओए के महासचिव बोले खिलाड़ी जल्दबाजी में अपनी ट्रेनिंग शुरू न करें

आईओए के महासचिव बोले खिलाड़ी जल्दबाजी में अपनी ट्रेनिंग शुरू न करें

नई दिल्ली। सरकार ने लॉकडाउन में भले ही खिलाड़ियों को नियमों के साथ ट्रेनिंग की छूट दी है, लेकिन भारतीय ओलिंपिक संघ(आईओए) के महासचिव राजीव मेहता ने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग जल्दबाजी में शुरू नहीं करनी चाहिए। मेहता ने कहा कि इस समय एक गलत कदम उनकी ओलिंपिक की तैयारियों पर भारी पड़ सकता है। उन्होंने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए जारी किए एसओपी पर विरोध जताया। उन्होंने कहा,‘भगवान न करें, अगर कोई एथलीट कोरोना पॉजिटिव होता है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?। इससे ओलिंपिक की तैयारियों पर बुरा असर पड़ेगा। एथलीट्स को ट्रेनिंग शुरू करने के लिए मजबूर नहीं करे।

खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों के लिए एसओपी जारी की

एक दिन पहले ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने खेलों की सुरक्षित वापसी को लेकर जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी (एसओपी) तैयार किया है। इसमें खेलों को चार हिस्सों में बांटा गया है। कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स, मीडियम कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स, फुल कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स और वॉटर स्पोर्ट्स। सबके लिए अलग से गाइडलाइन जारी की गई है।

कोरोना के कारण आउटडोर ट्रेनिंग से बचें खिलाड़ी

आईओए महासचिव ने आगे कहा- यह मेरे निजी विचार हैं कि एथलीट्स को अभी आउटडोर ट्रेनिंग नहीं शुरू करनी चाहिए। पूरे देश में तेजी से कोरोना वायरस महामारी के केस बढ़ रहे हैं। जून तक बिमारी में और इजाफा होने की आशंका है। एथलीट्स हमारे बच्चों की तरह है। इसलिए उन्हें मेरी यह सलाह है। मैं किसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन किसी भी खेल की ट्रेनिंग शुरू करने का फैसला खिलाड़ियों पर ही है।