आतंक के मुद्दे पर पाक को घेरेगा भारत, सुरक्षा-विकास होंगे मुद्दे

आतंक के मुद्दे पर पाक को घेरेगा भारत, सुरक्षा-विकास होंगे मुद्दे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के मंच से एक बार फिर आतंक का मुद्दा उठाएंगे। खबर है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदगी में भारत आतंक के मुद्दे पर पड़ोसी देश को आड़े हाथों लेगा। आतंक के अलावा एससीओ की बैठक में अफगानिस्तान और कट्टरवाद पर भी चर्चा होगी। बता दें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एससीओ बैठक में शामिल होने गुरुवार को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक जाएंगे। केंद्र में दोबारा सरकार बनने के बाद पीएम मोदी पहली बार किसी बहुपक्षीय सम्मेलन में शामिल होंगे। विदित है कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का 19वां शिखर सम्मेलन 13-14 जून को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होगा। 

ये हैं एससीओ के सदस्य देश

एससीओ चीन के नेतृत्व वाला 8 सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है। इसके संस्थापक सदस्यों में चीन, रूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। भारत और पाकिस्तान को साल 2017 में इस समूह में शामिल किया गया। इस बैठक में सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि क्या पीएम मोदी और पाक प्रधानमंत्री इमरान खान एससीओ के मंच पर हाथ मिलाते हैं या नहीं। पुलवमा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद यह पहली बार होगा कि दोनों प्रधानमंत्री एक ही मंच पर मौजूद रहेंगे। 

 चीन और रूस के राष्ट्रपतियों से मिलेंगे मोदी

इस बैठक में पीएम मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होना तय है। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि किर्गिस्तान जाने के लिए पीएम मोदी का विमान पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल करता है या नहीं। खबरों के अनुसार भारत ने पाक से इसके लिए अनुरोध किया है। 

एससीओ का मकसद किसी देश को निशाना बनाना नहीं : चीन

इधर चीन ने सोमवार को कहा कि इस सप्ताह किर्गिस्तान में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन में सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और साथ ही आतंकवाद के मुकाबले पर ध्यान केंद्रित होगा। चीन के उप विदेश मंत्री झांग हानहुई ने कहा, एससीओ की स्थापना का मकसद किसी देश को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि इस स्तर के शिखर सम्मेलन से निश्चित तौर पर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। 

पिछले कामों की समीक्षा, नई योजना पर होगा विचार

हानहुई ने बताया कि शिखर सम्मेलन में एससीओ के पिछले साल के काम की समीक्षा होगी और इस साल सहयोग के लिए योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा, एससीओ में अर्थव्यवस्था और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की जाएगी। खासतौर से आतंकवाद के मुकाबले पर। एससीओ के दो प्रमुख मुद्दे सुरक्षा और विकास हैं।