27 साल में रैंप पर क्षमता से दस गुना हो गया था भार, क्लैंप टूटने से हुआ हादसा

27 साल में रैंप पर क्षमता से दस गुना हो गया था भार, क्लैंप टूटने से हुआ हादसा
27 साल में रैंप पर क्षमता से दस गुना हो गया था भार, क्लैंप टूटने से हुआ हादसा

भोपाल | भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर निर्मित फुट ओवरब्रिज से सटे रैंप का एक हिस्सा गुरुवार सुबह करीब 9.07 बजे गिर गया। दो यात्रियों सहित मलबा नीचे खड़े लोगों पर गिरा। हादसे में 9 यात्री घायल हो गए। दो की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों को हमीदिया और एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फुटफॉल से जानें लोड का गणित

जानकारों के अनुसार, रेलवे ने 1992 में इस रैंप का निर्माण कराया था। उस समय प्लेटफॉर्म दो और तीन पर 8 से 10 गाड़ियां ही आती थीं और 24 घंटे में करीब पांच हजार फुट फॉल होता था। वर्तमान में करीब 55 गाड़ियां इन दोनों प्लेटफॉर्म पर आती-जाती हैं और 27 हजार से अधिक सिर्फ यात्री रैंप से गुजरते हैं। उन्हें छोड़ने या लेने आने वालों और लगेज को जोड़ लिया जाए, तो रैंप पर भार कई गुना बढ़ जाता है। यानी यह भार उस लोड से 9 से 10 गुना हो गया, जिसके लिए इस रैंप को बनाया गया था। हालांकि रेलवे इंजीनियरों का कहना है कि रेलवे का कोई भी कंस्ट्रक्शन 50 साल के फुट फॉल को देखते हुए किया जाता है। रेलवे के सिविल इंजीनियरों के मुताबिक, ब्रिज के गर्डर्स पर लगा क्लैंप निकलने की वजह से रैंप टूट गया। हालांकि इसमें रेलवे की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ब्रिज के नीचे लगे स्टॉल के वेंडर रमेश ने बताया कि उसने एक दिन पहले बुधवार को दोपहर 1:40 बजे ही स्टेशन प्रबंधन को क्लैंप गिरने की सूचना मौखिक रूप से दी थी, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने इसे नकार दिया है।

पहले हुई टेक्निकल जांच पर सवाल

1992 में इस रैंप का निर्माण किया गया था। इसका हर साल टेक्निकल इंस्पेक्शन होता है। पिछले साल 19 मार्च को भी रेलवे इंजीनियर संजीव कुमार की देखरेख में इसका इंस्पेक्शन हुआ था। इसके बाद भी रैंप का धंसना, जांच पर सवाल खड़े करता है। फुट ओवर ब्रिज या अन्य कंस्ट्रक्शन की उम्र 50 साल होती है। इसकी रूटीन जांच भी होती है। इसमें स्टील, बेसिक फाउंडेशन, सीमेंट या स्टील में लगे जंग आदि मानकों की जांच की जाती है।

एचएजी कमेटी करेगी घटना की जांच

हादसे की सूचना पर पश्चिम मध्य रेलवे के एजीएम सुशोभन चौधुरी शाम करीब 5 बजे जबलपुर से भोपाल पहुंचे। सीपीआरओ प्रियंका दीक्षित ने बताया कि मामले की जांच के लिए हायर एडमिनिस्ट्रेटिव गे्रड- एक अधिकारी के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई गई है। इसमें सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव गे्रड-2 अधिकारी भी शामिल होंगे।

अभी भी खतरनाक सीढ़ियों से गुजर रहे हजारों यात्री

धंसने वाले रैंप के अपोजिट साइड बनी सीढ़ियों की हालत भी खराब है। इसकी सीमेंट उखड़ रही है और स्टील जंग खा रहे हैं। बावजूद इनसे हजारों की संख्या में यात्री गुजर रहे हैं। ऐसे में यहां भी हादसे की आशंका बनी हुई है।

भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक फुटओवर ब्रिज के एक हिस्से के गिरने से बेहद दु:खद हादसा हुआ। इस हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना है। प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज व हरसंभव मदद के निर्देश दिए गए हैं। - कमल नाथ, मुख्यमंत्री

 

रेलवे स्टेशन पर रोज की तरह गुरुवार सुबह ट्रेनों का आना-जाना जारी था। करीब 9:03 मिनट पर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस आकर रुकी लोग उतरना शुरू हुए और कुछ पल बाद ही जोरदार आवाज आई। जब पलटकर देखा तो प्लेटफॉर्म-2 पर आरओबी का रैंप टूट चुका था। चीख-पुकार मची हुई थी। कई लोग मलबे में दबे थे, तो कुछ लहूहुहान हो गए थे। हम उन्हें निकालने के लिए दौड़े। उस वक्त भी ब्रिज पर यात्रियों की भीड़ थी। आरपीएफ, जीआरपी और एनडीआरएफ के जवानों ने तुरंत ही लोगों को वहां से निकालना शुरू किया। यह कहना है हादसे के चश्मदीद वेंडर का।

एक ही परिवार के सात लोग

तिरुपति से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाले संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बुधवार सुबह भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रुकी थी। इस ट्रेन से एक ही परिवार के 34 लोग हैदराबाद से शादी के कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लौटे थे। इनमें से 7 लोग हादसे का शिकार हो गए। ये सभी पुराने शहर के रहने वाले हैं। परिवार के सदस्यों ने इस मामले में रेलवे पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

हादसे में यह हुए घायल

आरिफ नगर निवासी नाहिदा जहां (40) पत्नी अजहर खान, उनका बेटा अयान (15), अमान (19) जेल रोड निवासी सलीमउर्रहमान (40), खलीलुर्रहमान (38), मंगलवारा छावनी निवासी खालिद बेग (38), विदिशा, अहीर मोहल्ला निवासी मरियम (20) पत्नी एजाज और विदिशा निवासी अनुपम शर्मा (31) शामिल हैं। इनके अलावा एक और व्यक्ति मामूली घायल हुआ था।

पश्चिम मध्य रेलवे के एजीएम सुशोभन चौधुरी तीन सदस्यीय निरीक्षण कमेटी के साथ शाम 5 बजे जबलपुर से भोपाल पहुंचे। उन्होंने घटना स्थल देखा और इंजीनियरिंग विंग से चर्चा की। रेलवे इंजीनियर संजीव कुमार से हादसे के कारणों को पूछा। वे अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट नजर आए। इसके बाद एजीएम ने 3,4,5 व 6 नंबर प्लेटफार्म, ब्रिज व उससे उतरने वाली सीढ़ियों व रैंप का मुआयना भी किया। 6 नंबर प्लेटफार्म से चढ़ने वाली सीढ़ियों के नीचे जब एजीएम खट की आवाज आने पर उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि सीढ़ियां तो ठीक हैं? बाद में एजीएम ने इंजीनियरिंग विंग की बैठक ली। ब्रिज, सीढ़ियां व रैप को दुरुस्त करने के निर्देश देकर रवाना हो गए।

एजीएम बोले: हाईपावर कमेटी करेगी जांच

एजीएम सुशोभन चौधुरी ने पीपुल्स संवाददाता से बातचीत के दौरान कहा कि - गड़बड़ी के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता। उन्होंने कहा कि इसकी जांच हाईपॉवर कमेटी करेगी। यह कमेटी जल्द जांच करने पहुंचेगी और जो दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी। दरअसल पीआरओ आईएस सिद्दीकी का कहना था कि भोपाल के इंजीनियरिंग , आरपीएफ तथा सुरक्षा ब्रांच के सीनियर डीएसओ स्तर के अधिकारियों की टीम जांच करेगी, लेकिन एजीएम ने इसे खारिज कर दिया। निरीक्षण के दौरान इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही सामने आई, लेकिन एजीएम, इस संबंध में जानकारी देने से बचते रहे।

तीन सदस्यीय कमेटी बनी

डीआरएम ने बताया कि हादसे की जांच जोन स्तर की तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। चीफ सेμटी आॅफिसर एपी पांडेय की अध्यक्षता में बनी कमेटी में चीफ ब्रिज इंजीनियर ओपी तंवर और चीफ कमर्शियल मैनेजर (पैसेंजर सर्विस) बृजेंद कुमार होंगे।

जीएम आज आएंगे भोपाल

पश्चिम मध्य रेलवे के जीएम शैलेंद्र कुमार शुक्रवार को जांच करने जबलपुर से आएंगे। अगले दिन शनिवार को एचएजी के एक तथा एसएजी के दो अधिकारियों की कमेटी ब्रिज के स्लैब टूटने की जांच करने आएगी।