गैस त्रासदी से हुई मौतों, बीमार व्यक्तियों के आंकड़े सुधारें

गैस त्रासदी से हुई मौतों, बीमार व्यक्तियों के आंकड़े सुधारें

भोपाल ।  भोपाल में यूनियन कार्बाइड गैस हादसे के सैकड़ों पीड़ितों ने गुरुवार को दिनभर यादगारे शाहजहांनी पार्क में धरना दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की, कि वह गैस कांड से हुए नुकसान को छुपाकर अतिरिक्त मुआवजे के मामले में सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करना बंद करें। चार गैस पीड़ित संगठनों के नेतृत्व में हुए इस धरने में पीड़ितों ने प्रदेश सरकार से कहा कि वह सर्वोच्च न्यायालय में लगी सुधार याचिका में गैस हादसे की वजह से हुई मौतों और बीमारियों के आंकड़े सुधारे,ताकि गैस पीड़ितों का न्याय मिल सके । भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की अध्यक्ष रशीदा बी ने बताया कि मार्च -2011 में सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को आपराधिक प्रकरण में यह बताया कि भोपाल हादसे में 15,248 लोग मारे गए हैं, पर आज तक उसमें अतिरिक्त मुआवजे के लिए लगाई गई सुधार याचिका में मौतों का आंकड़ा 5295 ही दर्ज है, जिसको सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, भोपाल गु्रप फॉर इंफोर्मेशन एंड एक्शन की रचना ढींगरा ने बताया कि गैस पीड़ितों के इलाज के लिए बने सरकारी अस्पतालों क रिकार्ड यह दर्शाते हैं कि 80 % से ज्यादा गैस पीड़ित दशकों तक बीमार रहे, जबकि सुधार याचिका में बताया गया है कि 93 % गैस पीड़ित एक दिन में अस्पताल में रह कर ठीक हो गए थे। इधर, प्रदर्शन के दौरान गैस पीड़ितों ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री आरिफ अकील द्वारा दिए गए चुनावी वादे - 5 लाख गैस पीड़ितों का मुआवजा दिलाया जाएगा, के पोस्टर लेकर बैठे थे। यही नहीं मौके से मंत्री को वॉट्सएप पर भी ये बैनर व पोस्टर भेजे गए हैं।