इफको का बीते वित्त वर्ष का लाभ घटा

इफको का बीते वित्त वर्ष का लाभ घटा

नई दिल्ली। सहकारी उर्वरक कंपनी इफको की आमदनी बीते वित्त वर्ष 2018-19 में बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद उसका शुद्ध लाभ नीचे आ गया है। बीते वित्त वर्ष में इफको का शुद्ध मुनाफा 10 प्रतिशत घटकर 841.58 करोड़ रुपए रह गया। वित्तवर्ष 2017-18 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 937.17 करोड़ रुपए था। इस सहकारी उर्वरक संस्था का कारोबार वर्ष 2018-19 के दौरान 34 प्रतिशत बढ़कर 27,851.74 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 20,787.55 करोड़ रुपए था। परिचालन के मोर्चे पर बात की जाए, तो इफको का उर्वरक उत्पादन पिछले वित्त वर्ष में बढक़र 81.49 लाख टन हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 78.71 लाख टन था। वर्ष 2018-19 में कुल उर्वरक उत्पादन में से, यूरिया उत्पादन 45.62 लाख टन और डीएपी डि-अमोनियम फॉस्फेटी का उत्पादन 14.19 लाख टन रहा। इफको ने पिछले वित्त वर्ष में 115.56 लाख टन उर्वरक की बिक्री की, जबकि 2017-18 में यह आंकड़ा 103.03 लाख टन रहा था। कुल बिक्री में से यूरिया का हिस्सा 74.20 लाख टन और डीएपी का 21.19 लाख टन था। इफको ने वित्त वर्ष 2015-16 में अपना सर्वश्रेष्ठ परिचालन प्रदर्शन किया था। उस समय उसका उत्पादन 86.52 लाख टन रहा था और बिव्रच्च्ी 130.24 लाख टन रही थी। वित्त वर्ष 2008-09 में कंपनी का कारोबार सबसे अधिक 32,933 करोड़ रुपए का रहा था। दुनिया की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था इफको के भारत में कलोल, कांडला, फूलपुर, आंवला और पारादीप में पांच संयंत्र हैं और तीन संयंत्र विदेशों में हैं।