अगर झुग्गियों में कोरोना वायरस फैला तो यूरोप, अमेरिका से भी भयावह हो जाएगी भारत की स्थिति

अगर झुग्गियों में कोरोना वायरस फैला तो यूरोप, अमेरिका से भी भयावह हो जाएगी भारत की स्थिति

नई दिल्ली | मुंबई की धारावी स्थित झुग्गी में 56 वर्षीय व्यक्ति की बुधवार को कोरोना से मौत हो गई है। इसके बाद देश के चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि भारत को महामारी के भयानक संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए। इस संक्रमण से देश में पीड़ितों का आंकड़ा यूरोप और अमेरिका से भी आगे जा सकता है।

न्यूयॉर्क से 30 गुना ज्यादा धारावी की सघनता

गुरुवार को धारावी की मुंबई महा नगरपालिका के दफ्तर में काम करने वाला एक 52 वर्षीय स्वीपर भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। धारावी की झुग्गियों में लगभग 10 लाख लोग रहते हैं। यहां जनसंख्या की सघनता न्यूयॉर्क से 30 गुना ज्यादा है तथा एक वर्ग किलोमीटर के दायरे में लगभग 2.80 लाख लोग रहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यदि इस इलाके में कोरोनावायरस का संक्रमण भड़कता है तो स्थिति भयावह होगी। मध्यम वर्ग के लिए सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना वायरस से बचने का सर्वाधित प्रभावी अस्त्र है लेकिन देश की झुग्गियों में सोशल डिस्टेंसिंग असंभव है। यहां तक कि इन बस्तियों में सेनेटाइजेशन के भी पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में स्थिति गंभीर हो सकती है।

त्वरित कार्यवाही जरूरी

जैसे ही पता चलता है कि किसी झुग्गी में संक्रमण सामने आया है, वैसे ही उसे लॉकडाउन कर वहां के प्रत्येक व्यक्ति के भोजन-पानी की व्यवस्था कर उन्हें कम से कम दो हफ्ते के लिए आइसोलेट कर देना चाहिए। जो लोग गंभीर या बुखार आदि से पीड़ित हैं उन्हें क्वारेंटाइन कर देना चाहिए। डॉ. नरेश त्रेहन, चेयरमेन एवं एमडी, मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल