होशंगाबाद , हरदा, बैतूल बनेंगे आम उत्पादन में मप्र के मलीहाबाद

होशंगाबाद , हरदा, बैतूल बनेंगे आम उत्पादन में मप्र के मलीहाबाद

भोपाल  ।  प्रदेश में तोतापरी आम की फसल को बढ़ावा देने के लिए चुनिंदा किसानों को अनुदान दिया जाकर पौध रोपण करवाया जाएगा। इसमें होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिलों में एक हजार एकड़ जमीन में पौध रोपण होगा। इससे चार से पांच साल में ही नर्मदा पट्टी का यह इलाका देश के सर्वाधिक आम उत्पादक उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद की तरह पहचान बना सकेगा। दरअसल राज्य सरकार ने खाद्य प्रसंस्कर ण को बढ़ावा देने के लिए आम की तोतापरी किस्म के पौध-रोपण को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के सीईओ को राज्य पोषित सघन पौध-रोपण योजना में पौधरोपण के लिए कहा गया है। इसके पहले चरण में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले में रोपण होगा। यहां के किसानों को पहले साल 43,200 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि दी जाएगी। इसमें ड्रिप पद्धति से सिंचाई करना अनिवार्य रहेगा। अगर कोई किसान पौधों की व्यवस्था करने में असमर्थ रहेगा, तो उद्यानिकी विभाग एमपी एग्रो के माध्यम से पौधे खरीदकर उपलब्ध कराएगा। पौधे के मूल्य को भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान राशि में समाहित किया जायेगा। इस योजना में किसानों का चयन क्लस्टर बनाकर किया जायेगा। चयनित किसानों को कम से कम एक एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ की सीमा तक एक बार अथवा टुकड़ों में योजना का लाभ लेने की पात्रता होगी।

प्रथम चरण में 1000 एकड़ में सघन पौधरोपण का लक्ष्य

प्रथम चरण में वर्ष 2019-20 में होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिलों में कुल एक हजार एकड़ में आम की तोतापरी किस्म का पौध-रोपण का लक्ष्य है। इसके लिए चयनित किसानों को पहले साल 4 करोड़ 32 लाख रुपये अनुदान दिया जायेगा। दूसरे और तीसरे साल में अनुरक्षण की राशि योजना के प्रावधान अनुसार देय होगी।

किसानों को कराना होगा आनलाइन पंजीयन

तोतापरी आम के पौध-रोपण के लिए संबंधित जिला कलेक्टर क्लस्टर का चयन करेंगे। क्लस्टर के ग्रामों की सूची और किसानों का पंजीयन आॅनलाइन होगा। यदि कुछ किसान आनलाइन पंजीयन नहीं करा सकते हैं, तो उनके आवेदन आॅफलाइन प्राप्त कर वरिष्ठता के आधार पर उनका आॅनलाइन पंजीयन कराया जायेगा। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रति सोमवार योजना की समीक्षा करेंगे।