‘विश्वरंग ’ में होगा हिंदी और भारतीय भाषाओं का उत्सव

‘विश्वरंग ’ में होगा हिंदी और भारतीय भाषाओं का उत्सव

 भोपाल।  हिन्दी और भारतीय भाषाओं के बीच वैचारिक संवाद तथा सांस्कृतिक आपसदारी का विराट समागम ‘विश्वरंग’7 से 10 नवंबर तक भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की पहल पर टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केन्द्र तथा वनमाली सृजन पीठ के मुख्य संयोजन में इस अंतर्राष्ट्रीय साहित्य तथा कला महोत्सव में भारत सहित दुनिया के तीस देशों के पांच सौ से भी अधिक प्रतिनिधि- हस्ताक्षर शिरकत करेंगे। लगभग पचास सत्रों के आसपास संयोजित यह विश्व कुंभ साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, सिनेमा, पत्रकारिता, पर्यावरण सहित कई विषयों का अनूठा मंच होगा। भोपाल में ‘विश्वरंग’ की गतिविधियां मिंटो हॉल, भारत भवन तथा रवीन्द्र भवन में होगी। टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, साहित्यकार तथा संस्कृतिकर्मी संतोष चौबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि विश्वभर से नोबल विजेता, बुकर सम्मान विजेता और भारतवर्ष के साहित्य एकेडमी, पद्म भूषण एवं पद्मश्री जैसे सम्मानों से विभूषित सौ से अधिक रचनाकारों और विचारकों के साथ-साथ विश्व के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और छात्रों के भाग लेने की संभावना है। साथ ही अन्य विश्वविद्यालय और संस्थान भी हिस्सेदारी कर रहे हैं।

18 खंडों में तैयार होगी 600 रचनाकारों की रचनाएं.

..मुकेश वर्मा ने बताया कि देश की दो सौ वर्षों की कथा परंपरा एवं लगभग 600 रचनाकारों को समेटते, 18 खंडों में प्रकाशित, ‘कथादेश’ का लोकार्पण तथा प्रतिष्ठित वनमाली कथा सम्मान का आयोजन भी किया जा रहा है। आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुवेर्दी ने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए यह महोत्सव संवाद और मनोरंजन का अनूठा मंच होगा। कविता पाठ और कला प्रस्तुतियों से लेकर चर्चित और चहेती शख़्सियतों से मुलाकात का एक रोचक सिलसिला इस दौरान तैयार हो सकेगा।