‘निर्यात बढ़ाने प्रतिस्पर्धा के लिहाज से बेहतर क्षेत्रों पर ध्यान दे रही सरकार’

‘निर्यात बढ़ाने प्रतिस्पर्धा के लिहाज से बेहतर क्षेत्रों पर ध्यान दे रही सरकार’

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार निर्यात बढ़ाने के लिए कपड़ा जैसे प्रतिस्पर्धा के लिहाज से बेहतर स्थिति वाले 12- 13 क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि निर्यात कारोबार तभी बढ़ता है, जब विभिन्न क्षेत्रों में तुलनात्मक और प्रतिस्पर्धा दोनों के लिहाज से अग्रणी स्थिति होती है। गोयल ने कहा, ‘‘हम अब 12 से 13 ऐसे क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं जहां हमारा मानना है कि भारत प्रतिस्पर्धा के लिहाज से बेहतर स्थिति में है और अधिक निर्यात कर सकता है।’’ गोयल ने मानव निर्मित कपड़े का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार इस क्षेत्र पर कई सालों से ध्यान देती आ रही है। भारत ने हमेशा ही सूती कपड़ों पर ज्यादा ध्यान दिया है। इस दौरान दुनिया ने भी मानव निर्मित कपड़ों की तरफ ज्यादा लगाव दिखाया है।

सेवा क्षेत्र के निर्यात में बढ़ोतरी

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने कपड़ा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से कहा है कि उनके पास अगले दस साल के दौरान मौजूदा 37 अरब डालर से बढ़कर 100 अरब डालर तक का निर्यात करने की संभावना है। उन्होंने कहा, ‘‘यही वजह है कि हम कुछ क्षेत्रों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए काम कर हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सेवा क्षेत्र का निर्यात अच्छी वृद्धि दर के साथ बढ़ रहा है।

दिसंबर में निर्यात कारोबार गिरा

दिसंबर माह में भारत का निर्यात कारोबार 1.8 प्रतिशत घटकर 27.36 अरब डालर पर पहुंच गया। यह लगातार पांचवां महीना रहा, जब निर्यात में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। इस दौरान प्लास्टिक, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा उत्पादों और रसायन कारोबार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष के दौरान अप्रैल से दिसंबर के नौ महीने में कुल निर्यात एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले 1.96 प्रतिशत कम रहकर 239.29 अरब डालर रहा है, जबकि इस अवधि में आयात भी 8.9 प्रतिशत की गिरावट के साथ 357.39 अरब डालर रह गया। गोयल से जब यह पूछा गया कि सरकार संरक्षणवाद को क्यों अपनाने लगी है? जवाब में मंत्री ने कहा कि जहां देश के पास खुद की क्षमता हो तो वहां संरक्षण जरूरी हो जाता है। उन्होंने कहा कि जहां अनुचित प्रतिस्पर्धा हो या घरेलू उत्पादन लागत ऊंची हो तो इस तरह का व्यवहार जरूरी हो जाता है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने आम बजट में कई सामानों के आयात पर सीमा शुल्क में वृद्धि की घोषणा की है।

त्योहारों पर स्थानीय उत्पादों का तोहफा देकर स्वदेशी को बढ़ावा दें भारतीय

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने देश के लोगों से आग्रह किया कि वे त्योहारों जैसे अवसरों पर तोहफे के रूप में स्थानीय उत्पाद एकदूसरे को दें। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना ही महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। दिल्ली में 20वें हुनर हाट के उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि लोगों को प्रण लेने चाहिए कि वे अगले तीन साल यानी 2022 तक स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देंगे। 2022 में भारत अपनी आजादी की 75वीं सालगिरह मनाएगा।