मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने के लिए तीन मेडिकल बोर्ड का गठन

मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने के लिए तीन मेडिकल बोर्ड का गठन

इंदौर दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा दिव्यांगता के लिए 21 प्रकार की दिव्यांगताओं में दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार के मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाए जाने के संदर्भ में अधिनियम लागू किया गया है। यह बोर्ड आॅर्थोपेडिक, ब्लड, मल्टीपल, ईएनटीआई तथा इंटेलेक्चुअल, मेंटली, न्यूरोलॉजिकल इन तीन प्रकार की दिव्यांगता में विभक्त करते हुए गठन किया गया है।

मेडिकल प्रमाण पत्रों के लिए की व्यवस्था-इंदौर जिले में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अन्तर्गत इंदौर जिले में 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को तीन भागों में विभक्त करते हुए मेडिकल प्रमाण-पत्र बनाने के लिये तीन अलग-अलग मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने आदेश जारी कर दिये हैं। मेडिकल बोर्ड के चेयरमेन के रूप में सिविल सर्जन सह-अस्पताल अधीक्षक इंदौर को नामांकित किया गया है।

प्रमाण-पत्र के लिए शिविरों का आयोजन- कलेक्टर ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ब्लाक स्तर पर मेडिकल प्रमाण-पत्र हेतु शिविरों का आयोजन किया जाता है तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा बोर्ड अनुसार समुचित चिकित्सकों की व्यवस्था की जायेगी।