परिजनों का आरोप : थाना प्रभारी ने दी थी हत्या करवाने की धमकी

परिजनों का आरोप : थाना प्रभारी ने दी थी हत्या करवाने की धमकी

ग्वालियर। मृतक के चाचा ने बताया कि दो दिन पूर्व हमारे खेत में माफियाओं द्वारा रेत डंप किया जा रहा था, जब संग्राम भैया ने उन्हें वहां रेत का भंडारण करने से रोका, तो उसके कुछ देर बाद अपने वाहन से वहां पहुंचे पिछोर थाना प्रभारी पप्पू यादव ने कहा, कि मेरे रिश्तेदारों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हैं, जिनसे रेत तो यहीं डंप होगा, अगर तुमने अधिक विरोध किया, तो तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लेंगे, और यदि इसके बाद भी नहीं माने, तो तुम्हारे बेटों की हत्या करवा देंगे। इसके बाद थाने में 65 वर्षीय संग्राम सिंह व उनके भतीजे राहुल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई, जब हम लोगों ने थाने पहुंचकर थाना प्रभारी पप्पू यादव से चर्चा की, तो उस वक्त भी उन्होंने संग्राम भैया के बेटे की हत्या की धमकी दी थी, जो आज उन्होंने करवा दी। खदान में है पप्पू की हिस्सेदारी मृतक पवन यादव पूर्व में पिछौर की तहसीलदार वंदना यादव के लिए भी सूचनाएं जुटाता था। कई मामलों में उसने सटीक सूचनाएं देने का काम करता था। मालूम हो कि पवन यादव कांग्रेस सरकार की एक मंत्री का भी करीबी था। उसकी हत्या के बाद अब एक-एक करके सारे तार खुलते जा रहे हैं। पिछौर थाना प्रभारी की कुर्सी पर सरकार की एक मंत्री ने ही दिलाई थी। पप्पू यादव पिछौर में सिर्फ एसआई की हैसियत से था लेकिन उसे टीआई की कुर्सी मिल गई। पुलिस महकमें सब जानते हैं कि लिधौरा रेत खदान से पप्पू के सीधे तार जुड़े थे। वह रेत माफिया को न सिर्फ सरंक्षण दिए था बल्कि उसकी हिस्सेदारी भी बताई जाती है।

मुखबिरी के शक में की वारदात

बीते रोज एसडीएम, डबरा द्वारा पिछोर थाना इलाके में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें बड़ी संख्या में वाहनों को पकड़ा गया था। आरोपियों को शंका थी कि यह कार्रवाई पवन द्वारा की गई मुखबिरी पर की गई है, जिसे लेकर उन्होंने मंगलवार सुबह उसे घेरकर राइफल से फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी। चूंकि दोनों ही पक्ष रेत के कारोबार से जुड़े हुए हैं, इसलिए इससे पूर्व भी दोनों के बीच कई बार विवाद हो चुका है।