कॉन्फ्रेंस में छाया 5 हजार किसानों के फर्जी ऋण का मामला

कॉन्फ्रेंस में छाया 5 हजार किसानों के फर्जी ऋण का मामला

भोपाल। प्रदेश में बैंकों द्वारा जो सूची लगाई गई है, उसके हिसाब से 5 हजार 407 किसानों ने शिकायतें की है कि उन्होंने कर्ज लिया ही नहीं है। वैसे कर्ज माफी के लिए करीब 51 लाख किसानों ने अपने पंजीयन कराए है। इस मान से फर्जी लोन स्वीकृत की एक प्रतिशत ही शिकायतें है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में फर्जीवाडे का सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही युवा स्वाभिमान योजना को लेकर सागर, बैतूल, मुरैना, ग्वालियर तथा टीकमगढ़ के कलेक्टरों ने योजना को प्रारंभ करने आ रही दिक्कतों पर सीएम का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दिए जाने वाले स्टायपेंड की व्यवस्था कहां से की जाएगी, क्योंकि नगरीय प्रशासन विभाग से हमें पैसा नहीं मिल रहा है। इस पर सीएम ने वित्त विभाग के अफसरों से कहा कि इस मामले को देखें। सीएम कमलनाथ ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने की इस व्यवस्था में परिवर्तन करने पर सरकार काम कर रही है। आम लोगों की सहायता, सहयोग और समर्थन की व्यवस्था लागू होना चाहिए, यह हमारा लक्ष्य है। सीएम बुधवार को मंत्रालय में कमिश्नर-कलेक्टर कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कमिश्नर और कलेक्टर सरकार का चेहरा हैं। जनता और सरकार के बीच नोडल पाइंट हैं, इसलिए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। सबसे कमजोर और गरीब वर्ग को तत्काल और त्वरित न्याय मिलेगा, तभी प्रदेश में सुशासन की स्थापना कर पाएंगे। सीएम ने कहा कि आज लोगों की जरूरतें अपेक्षाएं और आकांक्षाओं में परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि जो मौजूदा व्यवस्था काम कर रही है, वह 60-70 साल पुरानी है। कमलनाथ ने कहा कि इस व्यवस्था को हमें आज के संदर्भ में बदलना होगा, ताकि वह लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरे। उन्होंने कहा कि नई सरकार की सोच स्पष्ट है। कानून और नियम के कारण आम-आदमी को दिक्कत नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसके पास कुछ भी नहीं है, वह सरकार की योजनाओं का लाभ पाएं यह सुनिश्चित करने का काम जिला कलेक्टरों का है।