फर्जी टोल रसीदें बनाकर पीथमपुर कंपनियों के ड्राइवरों को बेच रहे थे

  फर्जी टोल रसीदें बनाकर पीथमपुर कंपनियों के ड्राइवरों को बेच रहे थे
पुलिस गिरफ्त में आरोपी।

किशनगंज पुलिस ने एक दिन पूर्व पीथमपुर मैन रोड, अमानत पार्क कॉलोनी में छापामार कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। बता दें, यहां से पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। तीनों लोग मध्यप्रदेश के साथ ही विभिन्न प्रदेशों के नेशनल टोल टैक्सों की कॉपी राइट रशीदें फर्जी तरीके से बना रहे थे और पीथमपुर की आयशर, फोर्स, हिंदुस्तान महिन्द्रा आदि कंपनी के वाहनों के ड्राइवरों को बेच रहे थे। इन नकली पर्चियों, फर्जी रशीदों पर छपी राशि को ड्राइवर अपनी कंपनी में पेश कर खर्चा बताकर वसूलते आ रहे थे। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा किशनगंज पुलिस ने सोमवार को प्रेसवार्ता के माध्यम से किया। एएसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि एक दिन पूर्व मुखबिर की सूचना पर किशनगंज पुलिस ने महू-पीथमपुर मैन रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास अमानत पार्क कॉलोनी में विनोद यादव के मकान पर दबिश दी, जहां तीन व्यक्ति मिले। लैपटॉप पर कार्य करने वाले ने अपना नाम शैलेन्द्र राय पिता लालताप्रसाद राय (27) सकलडीहा बाजार जिला चंदौली (उत्तरप्रदेश) बताया, वहीं बैठकर पर्ची बनवा रहे ने लालताप्रसाद राय पिता स्व. दशरथ राय (62) निवासी उत्तरप्रदेश तथा पर्ची के सैंपल मुताबिक कागजात बनाने में मदद करने वाले ने अपना नाम विनोद पिता शंकरलाल यादव (43) निवासी इंडस कॉलोनी पीथमपुर बताया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेते हुए यहां रखे फर्जी रशीदें, लैपटॉप, टोकन, कम्प्यूटर प्रिंटर सहित फर्जी कागजातों से भरे हुए दो बैग जब्त किए।


रिमांड पर लिया जाएगा

एएसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि इस अपराध में धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मामले में आरोपियों की पुलिस रिमांड न्यायालय से मांगी गई है।गौरतलब है कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में आयशर, फोर्स, महिन्द्रा सहित कई ऐसी बड़ी कंपनियां हैं, जिनके वाहन प्रतिदिन तैयार होकर विभिन्न प्रदेशों के लिए रवाना किए जाते हैं। ऐसे में ड्राइवर लंबे समय से इन फर्जी टोल रशीदों की जुगाड़ में लगे रहे हैं और कंपनी से रशीदें पेश कर रुपयों की वसूली भी की है। खास बात यह है कि नेशनलाइज टोल की रशीदें औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही आसपास के ड्राफ्टिंग जानकार बनाकर दबे-छुपे बेचते आए हैं। इस मामले के खुलासे के बाद संभवत: आरोपियों के रिमांड के दौरान कुछ और भी चेहरे सामने आ सकते है। 

बाप-बेटे
इस फर्जी टोल रशीद कांड में आरोपी लालताप्रसाद व उसका बेटा शैलेन्द्र राय पूर्व में भी इस धोखाधड़ी भरे फर्जीवाड़े में उत्तरप्रदेश के चंदौली जिले में गिरफ्तार हो चुके थे। इसके बाद दोनों बाप-बेटे विनोद यादव जो कि पूर्व में कानवाई के वाहनों की ड्रायविंग कर इन्हें पीथमपुर से अन्य प्रदेशों में ले जाता था, तब ही ये दोनों बाप-बेटे इसके संपर्क में आए थे... लिहाजा घर बैठे पैसे कमाने की चाह में विनोद ने इन दोनों को अपने घर बुला लिया और यहां से अनेक राज्यों के शहरों में जाने वाले वाहनों के ड्राइवरों को टोल नाके, परिवहन विभाग व अन्य विभागों की फर्जी रशीदें व नकली पर्चियां तैयार कर रुपयों के बदले देना शुरू किया। यहां कम्प्यूटर पर ड्राफ्टिंग का काम शैंलेन्द्र राय व उसका सहयोगी पिता लालताप्रसाद करता था, जबकि इन रशीदों के उपयोग में आने वाले कागज की जुगाड़ विनोद यादव करता था।

हूबहू तैयार करते थे रसीदें
मास्टर माइंड शैलेन्द्र राय टोल नाके, परिवहन विभाग की रशीदें हूबहू प्रिंट कर समय व दिनांक के साथ तैयार करता था।  इसने दो दर्जन से अधिक विभागों के रबर स्टॉम्प सील भी तैयार कर रखी थीं, जो कि ड्राइवरों की मांग पर फर्जी रशीदों पर लगाकर दी जा रही थी। इस कारनामे का बखान खुद आरोपी ने अपनी मुंह-जुबानी कबूल लिया है।
जब्ती में आया सामान
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, तीन प्रिंटेड फॉर्म्स, रशीद बुक, एंड्रायड मोबाइल, फर्जी रबर स्टॉम्प सील, प्रिंटिंग प्रेस में प्रयुक्त होने वाली लोहे की अंकित अक्षरों की कीलें, फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन कार्ड, परिवहन विभाग के फॉर्म, छपी रशीद बुक आदि का जखीरा जब्त किया है।