फैक्ट्रियों को नहीं मिल रही लेबर, रॉ मटेरियल की भी कमी, 25-30%ही हो पा रहा उत्पादन

फैक्ट्रियों को नहीं मिल रही लेबर, रॉ मटेरियल की भी कमी, 25-30%ही हो पा रहा उत्पादन

 भोपाल  ।  राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र में 50 प्रतिशत लेबर के साथ उद्योग खोलने की अनुमति तो दे दी है, लेकिन लेबरों की कमी की वजह से कई उद्योगों में उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है। वहीं जिन उद्योगों ने कुछ लेबर के साथ काम शुरू कर दिया है, उनमें भी 25 से 30 प्रतिशत ही उत्पादन हो पा रहा है। इधर, बिजली बिल में छूट देने की मांग को लेकर उद्योगपतियों ने गुरुवार को आॅनलाइन धरना भी दिया। कई उद्योगपतियों ने कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक से रॉ-मटेरियल नहीं मिलने से उत्पादन में दिक्कत हो रही है। सरकार ने उद्योगों को राहत देने के बडेÞ दावे किए हैं, पर वास्तविकता इससे हटकर है। रेड जोन में छूट नहीं मिलने से बिस्किट सहित उत्पादित फूड प्रोडक्ट की सप्लाई भी नहीं हो पा रही है।

लॉक डाउन से उद्योगों की पूरी चेन टूट गई है

लॉकडाउन से उबरने में समय लगेगा। निर्माण कार्य की जो चेन बनी हुई थी, वह टूट गई है। सरकार ने भले ही लेबर की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी है, लेकिन लेबर मिल नहीं रहे हैं। जो मिल भी रहे हैं, वे 600-700 रुपए रोजाना मजदूरी मांग रहे हैं। इस वजह से लागत बढ़ गई है। रॉ-मटेरियल बुलाने और उत्पादित माल भेजने के लिए हम्माल भी नही मिल रहे हैं। डॉ. गौतम कोठारी,अध्यक्ष, पीथमपुर औद्योगिक संगठन

 

           

 

                     

 प्रदेश में दाल- फ्लोर  मिल की स्थिति

 प्रदेश में स्थापित दाल- फ्लोर  मिल 550 लेबर नहीं आने से उत्पादन 30-35% एक मिल में मजदूरों की जरूरत 40-50 वर्तमान में मजदूर आ रहे 8 से 10 प्रभावित उत्पादन 70% सैकड़ों क्विंटल आटा-दाल पैकिंग में रखी, मगर डिमांड नहीं

 वसूला जा रहा है बिजली बिल

सरकार से कोई राहत नहीं मिली है। लेबर गांव चले गए हैं, इससे उद्योग चलाने में दिक्कत आ रही है। लॉक डाउन सरकार ने लागू किया था, पर दो माह से उद्योग बंद होने के बावजूद हमसे फिक्स बिजली बिल वसूला जा रहा है। डीके मुंदडा, एमडी, स्पिनिंग मिल्स मंडीदीप

बंद पड़ा है बिस्किटका उत्पादन

मेरी फैक्ट्री में रोजाना एक टन बिस्किट का उत्पादन होता था। लॉकडाउन की वजह से इस समय मजदूर नहीं मिल रहे हैं। वहीं रॉ- मटेरियल भी मंगाना संभव नहीं हो पा रहा है। इस कारण उत्पादन पूरी तरह बंद पड़ा हुआ है। एक जून के बाद उत्पादन प्रारंभ करेंगे। नरेंद्र दौलानी, एमडी, सत्या बिस्किट, गोविंदपुरा

साबुन उत्पादन पर प्रभाव कम

मालनपुर में 80 फीसदी वर्कर मालनपुर और ग्वालियर के होने से साबुन उत्पादन में पहले कभी परेशानी नहीं हुई। लॉक डाउन के पहले 200 टन प्रतिदिन उत्पादन हो रहा था, जो वर्तमान में घटकर190 टन हो गया है। अविनाश मिश्रा,जनरल मैनेजर, गोदरेज फैक्ट्री

उत्पादन शुरू नहीं किया है

लॉकडाउन की वजह से फैक्ट्री बंद थी। सरकार ने 50 फीसदी मजदूरों को आने की छूट दी है, लेकिन 15 से 20 प्रतिशत ही आ रहे हैं। फैक्ट्री की एक यूनिट मे 18 अप्रैल को आग लगने की वजह से उत्पादन ठप है। मशीनें पूरी तरह ठीक होने पर ही उत्पादन प्रारंभ करेंगे। राजीव अग्रवाल, एमडी, अन्नया पैकेज मंडीदीप

पहले हुई दिक्कत, अब सुधार

फूड इंडस्ट्री को प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। पुराने लेबर गांव चले गए। नई लेबर से काम करवा रहे हैं। उत्पादन एवरेज हो रहा है। माल भेजने या कच्चा माल लाने में शुरू में परेशानी हुई, मगर अब दिक्कत समाप्त हो गई है। राजू नतानी, डायरेक्टर, प्रोडक्शन इंडस्ट्री जबलपुर