अमृत योजना: कंपनी बोली-बारिश समाप्त होने के बाद ठीक होंगी सड़कें

अमृत योजना: कंपनी बोली-बारिश समाप्त होने के बाद ठीक होंगी सड़कें

ग्वालियर । अमृत योजना में सीवर-पेयजल की लाइनों के खोदे जाने के बाद बदहाल सड़कों को अगले 15 दिन में पहले जैसे करने वाले कलेक्टर अनुराग चौधरी की धज्जियां उड़ सकती है। क्योंकि अमृत योजना के जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार पूरी बरसात के दौरान सुधार कार्य करने से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे है। वहीं सड़कों पर गिट्टी व मुरम डालने के चलते शहरवासियों को मुख्य मार्गों पर चलने के दौरान दुर्घटना होने का खतरा बढ़ गया है। ग्वालियर शहर में अमृत योजना के दौरान लगभग 750 करोड़ से ज्यादा की लागत से सीवर-पेयजल लाइनों को बिछाने में रिस्टोरेशन न करने पर वाले ठेकेदारों को लंबे समय से प्रश्रय देने पर निगम अधिकारी विवादित बने हुए है। क्योंकि टेंडर की शर्तों में साफ-साफ लिखा हुआ है कि कार्य आधुनिक मशीनों से किया जाएगा और सड़कें खोदने वाले ठेकेदार को आयटम रेट पर खुदी हुए मार्गों का पुन: संधारण करने की जिम्मेदारी रहेगी। वर्तमान में जिले के अंदर चार फर्मो द्वारा अमृत योजना का कार्य किया जा रहा है, लेकिन उसमें से पेयजल कार्य मेसर्स विष्णु प्रकाश पंगुलिया व सीवर का काम इनविराड़ सोल्यूशन कंपनी कर रही है। लेकिन टेंडर शर्तों में पहले 100 मीटर खोदने के बाद उसे पहले जैसी स्थिति में न करने की अनदेखी में शामिल निगम व पीडीएमसी के कर्ताधर्ताओं के चलते पूरे शहर के मार्ग गड्डों में तब्दील हो गए है। हालांकि निगमायुक्त संदीप माकिन के दबाव में आकर कुछ स्थानों पर सड़कों के सुधार का कार्य हुआ, लेकिन बरसात के शुरू होते ही जमीन में पानी बैठने पर अनदेखी की पोल खुल गई है।

शिकायतों के चलते नहीं होगा सड़कों पर निर्माण

योजना से जुड़े अधिकारियों की मानें तो कलेक्टर व निगमायुक्त ने सड़कों के सुधार के निर्देश दिए है, लेकिन बरसात के दौरान कार्य करने पर बनी हुई सड़क टिक नही ंपाएगी। जिसकी शिकायत होने पर क्वालिटी में घटियापन व अनदेखी का ड्रामा होगा और गाज अधिकारियों पर गिरेगी। जिसके चलते पूरे बरसात के दौरान केवल गिट्टी व मुरम डालकर सड़कों को वाहन चलने लायक बनाया रखा जाएगा।