डॉक्टरों ने 30 साल की महिला के गर्भाशय से निकाली 57 गठानें

  डॉक्टरों ने 30 साल की महिला के गर्भाशय से निकाली 57 गठानें

एमवाय हॉस्पिटल के 13 डॉक्टरों की टीम ने ढाई घंटे किया 

एमवाय अस्पताल में एक जटिल आॅपरेशन कर डॉक्टरों ने महिला के गर्भाशय से 57 गठानें निकालीं। ढाई घंटे से ज्यादा समय तक चले आॅपरेशन में स्त्री रोग विभाग के डॉक्टरों ने महिला के गर्भाशय को बचा लिया।
 मंगलवार को एमवायएच के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में एक 30 वर्षीय मरीज आयशा निवासी आजाद नगर का नि:संतानता का जटिल आॅपरेशन हुआ। ढाई घंटे चले इस आॅपरेशन में छोटी बड़ी 57 गांठें गर्भाशय से निकाली गयीं। सबसे बड़ी गांठ लगभग 6 सेमी. और सबसे छोटी 2 सेमी. की है।  डॉक्टरों के अनुसार, महिला 10 सालों से गर्भ धारण नहीं कर पा रही थी और लंबे समय से पेट में दर्द था। एमवाय के प्रसूति विभाग के डॉक्टरों की टीम ने जटिल आॅपरेशन की चुनौती स्वीकारते हुए सफल आॅपरेशन किया। महिला पूरी तरह स्वस्थ्य है। डॉक्टरों को उम्मीद है कि अब वह मां बन सकती है। 
टीम में ये डॉक्टर थे शामिल
विभागाध्यक्ष डॉ. नीलेश दलाल के निर्देशन में डॉ. सोमेन भट्टाचार्य,डॉ. दीपा जोशी,डॉ. अविनाश पटवारी,डॉ. अलका पटेल,डॉ. शीतल आचले,डॉ. पलक, डॉ. शिवांगी,डॉ. कीर्ति,डॉ. आकाश,डॉ. प्रशस्ति, डॉ.मोनिका गांधी,डॉ. आकांशा के सहयोग से सफल आॅपरेशन किया गया। 
  गर्भाशय को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती थी
गर्भाशय में अभी तक 30 से 40 गांठों के मामले प्रकाश में आए हैं, लेकिन यह दुर्लभतम मामला है, जिसमें 57 गांठें पाई गर्इं। इस आॅपरेशन में गर्भाशय को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती थी, ताकि महिला फिर से मां बन सके। 
-डॉ नीलेश भट्टाचार्य, स्त्री रोग विशेषज्ञ,एमवायएच   

  गांठ होने के कारण
 मोटापा  
यदि लम्बे समय से निसंतानता हो 
समय पर प्रेगनेंसी प्लान नहीं करना 
एस्ट्रोजन हार्मोन का उच्च स्तर पर होना, थायरोइड की समस्या