दो घंटे चला निगम अधिकारी व महिलाओं में विवाद, 13 क्वार्टर जमींदोज

  दो घंटे चला निगम अधिकारी व महिलाओं में विवाद, 13 क्वार्टर जमींदोज
देखते ही देखते जेसीबी ने जमींदोज कर दिए जर्जर क्वार्टर।

एमवाय के पीछे निगम ने खतरनाक और जर्जर हो चुके शासकीय क्वार्टरों पर चलाया बुलडोजर

नगर निगम ने मेडिकल कॉलेज परिसर में बने एमवाय कर्मचारियों के शासकीय क्वार्टर को तोड़ने में पसीने छूट गए। कार्रवाई शुरू होने से पहले ही महिला कर्मचारियों ने जमकर विवाद किया। करीब दो घंटे तक विवाद के रूप में नाटक-नौटंकी चलती रही। मामला शांत होने के बाद निगम ने खतरनाक और जर्जर हो चुके 13 शासकीय आवासों को जमींदोज किया। इस परिसर में कुल 48 शासकीय मकान थे, जिसमें से 16 पहले तोड़े जा चुके हैं। अभी कुछ और आवास तोड़े जाने हैं। 
निगम की टीम पहुंचते ही महिलाएं सड़क पर उतर गर्इं-  इंदौर नगर निगम की रिमूवल गैंग रिमूवल गैंग ने सुबह एमवाय के पीछे स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में एमवाय हॉस्पिटल के कर्मचारियों के सरकारी क्वार्टर को तोड़ने का अभियान दूसरे दिन भी जारी रखा। निगम की रिमूवल टीम सुबह जेसीबी और पोकलेन की मशीनों को लेकर एमवाय अस्पताल के पीछे वाले क्षेत्र में पहुंच गई। निगम की टीम कार्रवाई की तैयारी कर रही थी, उसी दौरान शासकीय क्वार्टर में रहने वाली महिलाएं सड़क पर उतर आर्इं और कार्रवाई का विरोध करने लगीं। 
दो घंटे तक चलता रहा विवाद- बताया गया है कि महिलाएं मांग कर रही थीं कि उन्हें मोहलत दी जाए। निगम के रिमूवल अधिकारी महेंद्रसिंह चौहान ने महिलाओं से कहा कि वे मकान खाली करने तक की मोहलत दे सकते हैं। इसी बात को लेकर मौके पर हुए विवाद के दौरान महिलाओं ने निगम अधिकारी महेंद्रसिंह चौहान को घेर लिया। करीब दो घंटे तक हंगामा और वाद-विवाद चलता रहा। इस विवाद के चलते निगम कार्रवाई शुरू नहीं कर सका था। 
13 मकानों को तोड़ा -रिमूवल अधिकारी महेंद्रसिंह चौहान ने बताया कि मामला शांत होने के बाद शासकीय क्वार्टरों को तोड़ने का काम शुरू किया गया। इस कार्रवाई के दौरान निगम ने 13 शासकीय क्वार्टरों पर जेसीबी चलाकर जमींदोज किया। उन्होंने बताया कि अभी यहां से करीब 15 मकान और तोड़े जाने हैं।  
मकान खाली करने की पहले ही चेतावनी दे दी थी 
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में काफी अधिक संख्या में सरकारी क्वार्टर बने हुए हैं। इन सरकारी क्वार्टर को तोड़ने के लिए पूर्व में ही नोटिस दिए जा चुके हैं। इस नोटिस पर सुनवाई भी हो चुकी है। सरकार के द्वारा एमवाय के कर्मचारियों को ही यह क्वार्टर आवंटित किए गए थे। अब इस क्षेत्र का विकास किया जाना है। इसके लिए इन सभी को क्वार्टर खाली कर देने की चेतावनी दी गई थी, पर कुछ क्वार्टर में रहने वालों ने अपने क्वार्टर खाली नहीं किए थे।