मंत्रियों के बंगलों पर खर्च को लेकर विसंगति

मंत्रियों के बंगलों पर खर्च को लेकर विसंगति

भोपाल।  भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को बजट पर हुई चर्चा के दौरान सत्तापक्ष को जमकर घेरा। प्रदेश की खराब वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ सरकार उन सारी सामाजिक सरोकार की योजनाओं को धन के अभाव का बहाना बनाकर बंद कर रही है, वहीं मंत्रियों के बंगलों की साज-सज्जा पर पचास करोड़ रुपए खर्च करना इस बात का प्रमाण है कि किस कदर जनता के पैसे की बर्बादी की जा रही है। नरोत्तम मिश्रा के सवाल के लिखित जबाव में लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि सीएम हाउस के रंगरोगन, मरम्मत और बिजली के कार्य पर केवल 30 लाख रुपए खर्च किए गए है। साथ ही सिविल लाइन-9 बंगले पर मात्र 2 लाख 87 हजार रुपए ही खर्च हुए हैं। इसके अलावा मंत्री आरिफ अकील के काशियाना बंगले पर 5 लाख 35 हजार, ओमकार सिंह मरकाम के बंगले सिविल लाइन-8 पर 20 लाख 77 हजार, जयवर्धन सिंह के श्यामला हिल्स बी-3 पर 6 लाख 64 हजार, सचिन यादव के श्यामला हिल्स स्थित बी-4 बंगले पर 3 लाख 69 हजार, सुरेंद्र सिंह बघेल के बंगले श्यामला हिल्स बी- 5 पर 4 लाख 12 हजार, गोविंद सिंह राजपूत के 74 बंगले में स्थित बी-2 में 9 लाख रुपए, लखन घनघोरिया की विंध्य कोठी पर 14 लाख 39 हजार, सुखदेव पांसे के बी-7 74 बंगले पर 2 लाख 65 हजार प्रद्युम्न सिंह तोमर के बी-18 शिवाजी नगर के बंगले पर 3 लाख 94 हजार, प्रियव्रत सिंह के बंगले बी-8 चार इमली पर पांच नए पैसे खर्च नहीं हुए। इसके साथ ही पीसी शर्मा के बी-4 चार इमली के बंगले पर 25 लाख 59 हजार, महेंद्र सिंह सिसोदिया के बी-5 चार इमली के बंगले पर 3 लाख 11 हजार, तुलसी सिलावट के बंगले बी-7 चार इमली पर 11 लाख 39 हजार, सज्जन सिंह वर्मा के बी-10 चार इमली के बंगले पर 42 लाख 68 हजार रुपए की राशि खर्च की गई है, जो कि सीएम हाउस से अधिक है।

‘चमगादड़’ पर हंगामा, टिप्पणी की विलोपित

विधानसभा में गुरुवार को सरकार द्वारा एक प्रश्न के उत्तर में बिजली गुल होने का एक कारण चमगादड़ों को बताए जाने के मुद्दे और इसी विषय पर वित्त मंत्री तरुण भनोत की एक कथित टिप्पणी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के विभिन्न सदस्यों ने आज प्रदेश में बिजली संकट को लेकर कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने लोकसभा चुनाव के दौरान बिजली कटौती, लापरवाहियों के आरोप में कई बिजली कर्मचारियों के निलंबन और कई कर्मचारियों पर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बारे में सरकार से जानकारी मांगी। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि सरकार ने ट्रिपिंग के लिए चमगादड़ों को जिम्मेदार बताया। भार्गव के इसी बयान के बीच मंत्री भनोत ने कथित तौर पर एक असंसदीय टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी पर पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ विधायक भूपेंद्र सिंंह ने आपत्ति उठाई। भाजपा के अन्य सदस्यों ने भी मंत्री द्वारा क्षमायाचना की मांग की। भारी शोर-शराबे के बीच अध्यक्ष ने कथित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से विलोपित कर दिया।

बिजली खरीदफरोख्त में गड़बड़ी

प्रदेश में बीते एक साल में 6410.41 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गई। इसमें से सरकार ने राज्य की 3 बिजली कंपनियों को भी वितरित की। इनमें तीन विधुत वितरण कंपनी, एमपीएकेवीएनएल और रेलवे को 5940.49 मिलियन यूनिट सप्लाई की गई, जबकि शेष बिजली प्रदेश के बाहर पावर एक्सचेंज के जरिए बेच दी गई, मगर सरकार को यह नहीं मालम कि प्रदेश के बाहर किन संस्थाओं नेसरकार से बिजली खरीदी है। शरदेन्दु तिवारी ने ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह से यह जानकारी मांगी थी।

भाजपा सरकार में बढ़ा मांस का व्यापार: राजवर्धन सिंह

कांग्रेस विधायक राजवर्धन सिंह दत्तीगाव ने बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार के समय में मांस व्यापार बढ़ा। मौजूदा सरकार गौभक्तों की सरकार है और अब तक किसी मुख्यमंत्री ने गौशालाओं की चिंता नहीं की। उन्होंने कहा कि पहला गौसेवक आयोग कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में बना। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को मौजूदा सरकार के समय आत्महत्या करने वाले 71 किसान दिखाई दिए, लेकिन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय आत्महत्या करने वाले 20 हजार किसानों की उन्होंने कोई सुध नहीं ली। उन्होंने शिवराज सरकार में हुए व्यापमं सहित अन्य घोटालों की जांच की मांग की।