धोनी को ट्रेनिंग के लिए सेना प्रमुख रावत से मिली अनुमति

धोनी को ट्रेनिंग के लिए सेना प्रमुख रावत से मिली अनुमति

नई दिल्ली। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी को प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजीमेंट में दो महीने की ट्रेनिंग करने के लिये सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत से अनुमति मिल गयी है। धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजीमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं और वह सेना के साथ ट्रेनिंग करना चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार धोनी ने सियाचिन में ट्रेनिंग की इच्छा जताई थी लेकिन दो महीने तक चलने वाली उनकी ट्रेनिंग में कुछ समय वह कश्मीर घाटी में भी बिताएंगे।

सक्रिय आपरेशन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं

भारत के विश्वकप विजेता कप्तान को हालांकि ट्रेनिंग के दौरान सेना के किसी भी सक्रिय आपरेशन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं मिली है। धोनी ने हाल ही में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से दो महीने का अवकाश लिया है और अगले महीने होने वाले वेस्टइंडीज दौरे से खुद को अलग कर लिया था। धोनी के इस दौरे में चुने जाने को लेकर ही सबसे अधिक चर्चा बनी हुई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, धोनी अन्य जवानों के साथ ट्रेनिंग करेंगे और दो महीने के दौरान अन्य सैनिकों की तरह ही रहेंगे।

2015 में बने थे दक्ष पैराशूट सैनिक

उल्लेखनीय है कि धोनी वर्ष 2015 में दक्ष पैराशूट सैनिक बने थे। उन्होंने इसके लिये आगरा के ट्रेनिंग शिविर में सेना के विमान से पांच पैराशूट ट्रेनिंग छलांग लगायी थी। पूर्व कप्तान को वर्ष 2011 में लेफ्टिनेंट कर्नल के मानद पद से नवाज़ा गया था जो प्रादेशिक सेना की 106 इन्फेन्ट्री बटालियन का हिस्सा है। सेना की पैराशूट रेजीमेंट की दो बटालियन में से यह एक है।

खेल को लेकर प्रतिबद्धताएं स्पष्ट नहीं

आईसीसी विश्वकप के बाद से ही धोनी के संन्यास को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन उन्होंने क्रिकेट में अपने भविष्य को लेकर कुछ नहीं कहा जिससे उनके राष्ट्रीय टीम में चयन को लेकर असमंज की स्थिति पैदा हो गयी। इसके बाद चयनकर्ता प्रमुख एमएसके प्रसाद ने भी उनके टीम में चयन निर्धारित नहीं होने की बात कही थी।