हॉस्पिटल के बाहर एंबुलेंस में हुई डिलेवरी

हॉस्पिटल के बाहर एंबुलेंस में हुई डिलेवरी

ग्वालियर। सिविल हॉस्पिटल, डबरा में बुधवार को बेहद शर्मनाक घटना घटित हो गई, जिसमें एक प्रसूता से की गई पैसों की मांग पूरी न होने पर स्टॉफ ने उसे भर्ती नहीं करते हुए ग्वालियर रैफर कर दिया, लेकिन अस्पताल से बाहर गेट पर ही जननी एक्सप्रेस में प्रसूता को प्रसव हो गया। इसके बाद एंबुलेंस का ड्राइवर जब दोबारा वाहन लेकर अस्पताल कैंपस में पहुंचा, तो वहां मौजूद नर्सों ने उसे बाहर ही रोके रखा, जिससे लगभग आधा घंटे जच्चा- बच्चा दोनों वाहन में ही गर्मी में पड़े रहे। जब मामला मीडिया के संज्ञान में आया, तो आनन-फानन में उन्हें भीतर बुलवाकर भर्ती करवाया गया। जानकारी के मुताबिक ग्राम बडेरा निवासी अवधेश वंशकार बुधवार दोपहर अपनी पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने के चलते सिविल अस्पताल डबरा लेकर पहुंचा, तो वहां उपस्थित अस्पताल कर्मचारियों और नर्सों ने उससे पैसों की मांग की, जब अवधेश ने उन्हें पैसे नहीं दिए, तो उन्होंने प्रसूता को भर्ती करने से मना करते हुए ग्वालियर के लिए रैफर कर दिया। जब परिजन जननी एक्सप्रेस की सहायता से काजल को ग्वालियर लाने लगे, तो हॉस्पिटल के गेट पर ही उसको प्रसव हो गया। यह देख जननी एक्सप्रेस का ड्राइवर तत्काल गाड़ी को अस्पताल कैंपस के भीतर ले गया और उसने वहां मौजूद नर्सों को बताया कि अस्पताल के बाहर गाड़ी में डिलेवरी हो गई है और जच्चा- बच्चा दोनों वाहन में ही पड़े हैं, लेकिन यह सब जानने के बावजूद भी नर्सों की मानवीय संवेदना नहीं जागी और उन्होंने उसे अंदर लेने से मना कर दिया, जिससे लगभग आधा घंटे तक जच्चा-बच्चा दोनों धूप में ही गाड़ी के भीतर पड़े रहे। वहीं जब यह मामला मीडिया के संज्ञान में आया तो कुछ मीडियाकर्मी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने वरिष्ठ अफसरों को मामले की जानकारी देकर जवाब तलब किया, तो वह तत्काल हरकत में आ गए। इसके बाद बीएमओ ने तत्काल निर्देश देकर प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज शुरू करवाया। यहां बताना गौरतलब होगा कि इस भीषण गर्मी में जहां आम आदमी चंद मिनट धूप में नहीं ठहर सकता, ऐसे में मां और बच्चे को करीब आधे घंटे धूप में खड़ी एंबुलेंस में रहना पड़ा, जिससे उनकी हालत बिगड़ने लगी थी। यदि कुछ देर और हो जाती तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता था। इसके बावजूद डबरा सिविल अस्पताल के अधिकारी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं।