हाई रिस्क जोन में भी ड्यूटी से पीछे नहीं है कोरोना फाइटर्स

हाई रिस्क जोन में भी ड्यूटी से पीछे नहीं है कोरोना फाइटर्स

जबलपुर । पुलिस और नगर निगम के बारे में आम जनमानस की छवि कभी अच्छी नहीं रही है। जहां नगर निगम और पुलिस के कर्मचारियों को काम करने में बेहद सुस्त और बिना पैसे लिए कोई काम न करने के लिए जाना जाता हो वहां अब ये छवि टूटती नजर आ रही है। आला अधिकारियों से लेकर अदना कर्मचारी तक संकट के इस समय में हाई रिस्क वाले कंटेनेमेंट क्षेत्रों में जिस तरह से मानवता की सेवा में जुटे हैं उन्हें देखकर लगता है कि लोगों को अपनी इनकी के प्रति बनाई धारणा को तोड़ना होगा। शहर में 8 क्षेत्रों को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया गया है। यहां पर दवा का छिड़काव,साफसफाई और बेरीकेडिंग के काम के साथ रहवासियों को रोजमर्रा की सामग्री मुहैया करवाना नगर निगम का काम है। इस काम में सैकड़ा भर से ऊपर अधिकारी व कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ये अपना काम बेहद कुशलता के साथ कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं। वहीं शहर के सर्वाधिक हाई रिस्क वाले क्षेत्र सराफा, कमानिया, कोतवाली क्षेत्र में तो इनकी भूमिका की जितनी सराहना की जाए कम लगती है। अपनी जान को हथेली पर रखकर घर-घर जाकर वांछित सामान मुहैया करवाने के साथ पूरे इलाके में दवा छिड़काव,सफाई के काम ये करते हैं।

वर्दी और मास्क के सहारे पुलिस कर्मी

वहीं पुलिस कर्मियों जिनमें बड़ी संख्या में महिला पुलिस कर्मी भी शामिल हैं लगातार कई दिनों से अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। नगर निगम के कर्मचारियों को तो सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन मुहैया करवाए गए हैं मगर पुलिस टीम के पास सिवाय वर्दी और मास्क के कुछ नजर नहीं आता। लोग घरों से न निकलें,प्रतिबंधित क्षेत्र में आवाजाही न हो कोई दुकान न खुले और कानून व्यवस्था बनी रहे इसके लिए ये चौबीसों घंटे तैनात नजर आते हैं।

हालाकि अभी गंभीर बीमारी से उठा हूं और परिजन आशंका ग्रस्त भी रहते हैं मगर काम तो काम है,पूरी जिंदगी चुनौतियां ली हैं,ऐसे संकट के समय घर कैसे बैठ सकता हूं। राकेश अयाची, अपर आयुक्त, ननि

यह चुनौतीपूर्ण समय है,मेरे क्षेत्र में सर्वाधिक हाईरिस्क जोन है,ऐसे में सभी रहवासियों को धैर्य बंधाने के साथ कानून व्यवस्था का पालन भी मेरा कर्तव्य है,सभी सुरक्षित रहें,अपने घरों में रहें। मधुर पटेरिया, टीआई, लार्डगंज

परिवार में 3 बच्चे और पत्नी है,खतरे वाले क्षेत्र में जाने से मना भी करते हैं पर नगर वासियों की सेवा का यह मौका मैं कैसे खो सकता हूं,भगवान न करे ऐसे दिन दोबारा आएं। नरेन्द्र कुशवाहा,रेड जोन प्रभारी घमापुर में रहती हूं,लार्डगंज थाने में पोस्टिंग है। कानून व्यवस्था में ड्यूटी है। वैसे तो ज्यादातर लोग सहयोग करते हैं कुछ ऐसे भी हैं जो लॉक डाउन में सैर को निकलते हैं,उन्हें समझाईश देनी पड़ती है। - अलका त्रिपाठी,सिपाही।