SOR से कम रेट डालने वाले ठेकेदार होंगे बाहर, रूरल एरिया में ब्लैकलिस्ट

SOR से कम रेट डालने वाले ठेकेदार होंगे बाहर, रूरल एरिया में ब्लैकलिस्ट

भोपाल। शुद्ध के लिए युद्ध, भू माफिया हटाओ अभियान और कालाबाजारियों को पकड़ने के साथ अब सरकार के निशाने पर ऐसे ठेकेदार हैं जो शेड्यूल आॅफ रेट्स (एसओआर) से कम रेट डालकर ठेका हथिया रहे हैं और इनसे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। इसके लिए शीघ्र ही अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक होगी। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की गुणवत्ता परखने के लिए राज्य स्तरीय टीम गठित होगी। दरअसल केबिनेट बैठक में ठेकेदारों द्वारा एसओआर से कहीं अधिक रेट डालकर ठेका हासिल करने का मामला आया था। यहां मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा था कि ऐसे ठेकेदार अपना घर बेचकर काम नहीं करेंगे। ये ठेकेदार गुणवत्ताहीन काम करेंगे, इसलिए एसओआर से कम रेट डालने वाले प्रस्ताव निरस्त किए जाएं। इसके बाद से निर्माण एजेंसियों में खलबली है।

एसओआर से कम रेट डालने वाले कुछ उदाहरण

* भोपाल में राजभवन सेक्शन में रोड मार्किंग लगाने का कार्य एसओआर से 35 प्रतिशत कम पर लिया। ठेका जबलपुर की एक कंपनी को मिला।

* कोलार के थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग का ठेका 38.38% कम पर लिया गया।

* सीहोर में सेμटी मेजर कार्य जहागीरपुरा देव स्थान, चांदबढ़ से कालापीपल और तुमड़ा से तज अमरोद तक का कार्य 40.10 प्रतिशत कम एसओआर पर सीहोर की एक कंपनी ने लिया।

* सीहोर में ही सेफ्टी मेजर वर्क विभिन्न मार्ग श्यामपुर सेक्शन का कार्य 40.10 प्रतिशत एसओआर पर लिया गया।

*सीहोर में आष्टा सेक्शन का 42.38 प्रतिशत कम एसओआर पर कार्य लिया।

सड़क निर्माण में लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लेक लिस्ट

ग्रामीण सड़क निर्माण में लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। पीएम ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता की जांच करने राज्य स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश की 84 हजार किमी से ज्यादा की सड़कें परीक्षण की दायरे में आ सकती हैं।

भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ सरकार सख्त

सीएम के निर्देश हैं कि एसओआर से कम रेट डालने वाले ठेकेदारों के प्रस्ताव निरस्त किए जाएं। इसके लिए निविदा कमेटी की बैठक जल्द होगी। नियमों और शर्तों की समीक्षा के बाद ठोस निर्णय लिया जाएगा। भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ सरकार सख्त है।