सीमाएं सील होंने के बाद कलेक्ट्रट कंट्रोल रुम में घट गईं शिकायतें

सीमाएं सील होंने के बाद कलेक्ट्रट कंट्रोल रुम में घट गईं शिकायतें

जबलपुर । कलेक्ट्रट स्थित कोरोना कंट्रोल रुम प्रदेश का पहला कंट्रोल रुम में हैं जहां पर लोगों की मदद के लिए कलेक्टर भरत यादव की पहल पर खुलवाया गया हैं। शहर में जब अचानक 4 मरीज कोरोना पॉजिटिव आए थे, उस समय कलेक्ट्रेट कंट्रोल रुम में प्रतिदिन डेढ़ सौ से दो सौ शिकायतें दर्ज होती थी। लेकिन अब जैसे-जैसे लोगों में कोरोना को लेकर जागरुकता आ रही हैं। वैसे-वैसे शिकायतों की संख्या कम होती जा रही हैं। कलेक्ट्रट कंट्रोल रुम में दो दिनों से 10 से 12 ही शिकायतें दर्ज हो रहीं हैं। इनमें भी अब कोरोना से संबंधित शिकायतें नहीं आ रही हैं। दरअसल इनदिनों राशन संबंधी शिकायतें और दूसरे जिलों में पास बनवाने जाने की शिकायतें ही आ रहीं हैं। कोरोना कंट्रोल रुम के प्रभारी उमाशंकर अवस्थी ने बताया कि सोमवार को संजीवनी नगर,छटी ओमती,गढ़ा सहित अन्य क्षेत्रों से राशन न मिलना,पास जारी नहीं होने जैसी शिकायतें आई थी।

जरूरतमंदों को कंट्रोलरुम से दी खाद्य सामग्री की किट

कलेक्ट्रट कंट्रोल रुम में संजीवनी नगर से एक शिकायत आई थी, जिसमें अर्चना श्रीवास्तव ने लॉक डाउन के दौरान राशन न मिलने की शिकायत की थी। जिसे कंट्रोल रुम से ही समाज सेवी संस्थाओं के द्वारा राशन भिजवाया गया। वहीं छोटी ओमती में रहने वाला एक गुप्ता परिवार की महिला गरीब थी, उसके 4 बच्चे भी है जिसे कलेक्ट्रट से ही राशन की किट दी गई।

पास बनवाने के लिए कलेक्ट्रेट में भीड़ जारी

सोमवार को कलेक्ट्रट कार्यालय में एक बार फिर जिले से बाहर जाने वालें लोगों की भीड़ लगी रही। जबकि कलेक्टर सभी तरह के पास बनवाने के लिए पांबदी लगा दी हैं। सिर्फ अतिआवश्यक होने पर निधन होने पर ही पास जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद भी पास बनवाने के लिए भीड़ उमड़ रही हैं। अभी तक करीब 51 सौ पास बन चुके हैं।