जंगल में जलस्रोतों की सफाई, ठाकुरताल में बैठे पहरेदार

जंगल में जलस्रोतों की सफाई, ठाकुरताल में बैठे पहरेदार

जबलपुर । जिला जबलपुर के वन मंडल में जंगल के जीवों के लिए गर्मी में पानी के इंतजाम किए जा रहे हैं, हालांकि ये प्रयास कुछ ही सर्किल में देखने को मिल रहे हैं। नयागांव की पहाड़ी पर आग की लगातार दो दिनों तक हुई घटनाओं के बाद अधिकारियों ने ठाकुरताल में पहरेदारी बैठा दी है, यहां सुबह से शाम तक पांच लोगों को निगरानी के लिए तय कर दिया गया है। वन विभाग में इन दिनों अधिकारी घर पर बैठे-बैठे ही जंगल की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कहां किस जंगल में जानवरों को पानी की व्यवस्था करना है, यह मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया जा रहा है।

घुसपैठ पर डीएफओ करेंगे एसपी से चर्चा

लॉक डाउन में ठाकुरताल सहित नयागांव पहाड़ी पर तत्वों की घुसपैठ पर डीएफओ ने कहा है कि इस संबंध में वन चौकी पर सख्त निर्देश दिए गए है कि किसी को भी जंगल में घुसने नहीं दिया जाए। इसके साथ ही हम आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक से भी चर्चा करेंगे, ताकि यहां जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

प्राकृतिक जलस्रोत साफ करो

वन मंडल अधिकारी रवीन्द्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि गर्मी के मौसम में जंगल से जानवर रहवासी क्षेत्रों में पानी की तलाश में आते हैं, ऐसे में कई बार हादसे का शिकार भी हो जाते हैं, लिहाजा हमने हर वर्ष की तरह इस बार भी जंगलों में प्राकृतिक जलस्रोतों में सफाई कराना शुरू भी कर दिया है। सिहोरा, कुंडम, बरेला, बरगी, पनागर, पाटन, शहपुरा, कटंगी आदि में जिले की सरहदों पर लगे क्षेत्रों में प्राकृतिक जलस्रोतों की सूची मंगवाकर यह कार्य कराया जा रहा है।

जंगल में तत्वों की घुसपैठ बताया जाता

यह भी जा रहा है कि बरगी हिल्स, नयागांव एवं मदन महल पहाड़ी पर शराब और गांजा का नशा करने वाले सक्रिय रहते हैं। आए दिन ठाकुरताल के पास मछली मारने बदमाश तत्व पहुंचते हैं, जिनसे वन विभाग की टीम से बहस भी होती है।

नयागांव पहाड़ी पर पहरेदार

नयागांव से बरगी हिल्स और मदन महल किला से लेकर बदनपुर, पिसनहारी की मढ़िया के पीछे तक, वन परिक्षेत्र में पिछले पांच-छह माह से तेंदुए की दस्तक ने लोगों की नींद उड़ा रखी है। अब गर्मी के मौसम में पहाड़ी पर तीन बार आग लगने की घटनाओं से वन विभाग चिंता में है।

फॉरेस्ट गार्ड बैठाए गए

डीएफओ श्री त्रिपाठी ने बताया कि नयागांव पहाड़ी पर हमने आग की घटनाओं के बाद यहां ठाकुरताल में फॉरेस्ट गार्ड बैठा दिए हैं। सभी को निर्देशित किया गया है कि वे जंगल में घुसपैठ रोकने और किसी भी तरह की घटना होने पर तत्काल सूचना देंगे, ताकि होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके।