टीचर्स कोर्स पूरा कराने स्कूलों की जगह घर में लगा रहे क्लास

टीचर्स कोर्स पूरा कराने स्कूलों की जगह घर में लगा रहे क्लास

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद से बने माहौल के बीच टीचर्स परीक्षाओं से पहले सिलेबस पूरा कराने के लिए स्कूलों के बजाय घरों में स्पेशल क्लास लगा रहे हैं। सूबे को दो केंद्रशासित राज्यों में बांटने के बाद से कश्मीर में कई तरह की पाबंदियां लागू कर दी गई थीं। यहां लगातार 65वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा। 

नए स्कूल में रोज सुबह 8 से 11 बजे तक लगती है क्लास:

जम्मू- कश्मीर के बडगाम जिले के एक निजी स्कूल के टीचर मोहम्मद अबीद ने कहा, हम स्कूल के बजाय घर में स्पेशल क्लासेज लगा रहे हैं, ताकि पाठ्यक्रम को पूरा करने में छात्रों की मदद कर सकें। छात्रों द्वारा नया स्कूल कहे जाने वाले इस घर में रोजाना सुबह 8 से 11 बजे तक विशेष कक्षाएं लगाई जाती हैं। 8वीं के एक छात्र के पिता बशीर अहमद ने कहा, मैं नहीं चाहता कि बेटे की पढाई में कोई रोड़ा आए। 

स्कूलों से जुड़ी बातों की कमी महसूस कर रहे हैं छात्र

7वीं कक्षा के छात्र बिस्माह ने कहा, मुझे लगता है कि यह अच्छा है। यहां हल्का फुल्का माहौल है। नए स्कूल में ना तो यूनिफॉर्म का झंझट है और न ही कोई टाइम टेबल है। वह चाहता है कि स्कूलों के दोबारा खुलने पर वहां भी ऐसा ही होना चाहिए। वहीं कुछ ऐसे छात्र भी हैं जो नियमित स्कूलों से जुड़ी बातों की कमी महूसस कर रहे हैं। 8वीं कक्षा के आतिफ नजीर ने कहा, स्कूल सिर्फ नए पाठों का अध्ययन करने की जगह नहीं होती,स्कूल छात्रों को उनके चरित्र निर्माण में भी मदद करता है।

पाबंदियों के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा

कश्मीर के संभागीय आयुक्त आधार खान ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि स्कूल 3 अक्टूबर को फिर खुलेंगे, जबकि कॉलेज में पढ़ाई 9 अक्टूबर से शुरू होगी। लेकिन बुधवार तक सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। सूबे में 65वें दिन भी पाबंदियां लगी हैं। दशहरा पर सार्वजनिक अवकाश होने के कारण बंद का असर ज्यादा दिखा, क्योंकि सरकारी कर्मचारी आज बाहर नहीं निकले। घाटी में लैंडलाइन सेवाएं बहाल कर दी गई हैं।