सर्वे में दावा;50% से ज्यादा वोटर ट्रंप को करेंगे खारिज

सर्वे में दावा;50% से ज्यादा वोटर ट्रंप को करेंगे खारिज

वॉशिंगटन। अमेरिका में अगले साल नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव हैं। इसे लेकर सरगर्मियां बढ़ गई हैं। गुरुवार को एक ताजा पोल (सर्वे) में कहा गया है कि 2020 के इलेक्शन में अमेरिका के 52% वोटर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खारिज करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, ट्रंप एक बार फिर रिपब्लिकंस का भारी समर्थन जुटाकर दोबारा सत्ता में आने की तैयारी कर रहे हैं। पोल कराने वाले संगठन रासमुसेन ने प्रेस रिलीज में कहा, हमने अपनी रिपोर्ट में टेलीफोन और आॅनलाइन सर्वे को शामिल किया। 42% अमेरिकियों ने कहा कि वे ट्रम्प को वोट देंगे। 52% लोग उनके (ट्रंप) खिलाफ वोटिंग कर सकते हैं। 6% लोगों ने अभी तक फैसला नहीं किया है कि वे किसे वोट देंगे। 37% किसी और को वोट दे सकते हैं: पद पर बैठे लोगों के खिलाफ वोट करने की बात कह रहे लोगों में से 58% ने कहा कि उनका वोट किसी अन्य उम्मीदवार की बजाय ट्रंप के खिलाफ डाले जाने की ज्यादा संभावना है। 37% उम्मीद करते हैं कि वे किसी और उम्मीदवार को वोट देंगे। 

2016 के चुनाव में हिलेरी-ट्रंप में थी टक्कर

इन राज्यों में ट्रम्प जीते थे

ट्रंप पेंसिलवेनिया, आयोवा, उटाह, इडाहो, नॉर्थ कैरोलिना, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, ओहायो, मिसौरी, मोंटाना, लुइसियाना, अरकंसास, नॉर्थ डकोटा, साउथ डकोटा, टैक्सास, व्योमिंग, अलबामा, वेस्ट वर्जीनिया, केंटकी, ओकलाहोमा, साउथ कैरोलिना, टेनेंसी, इंडियाना। इन राज्यों से ट्रंप को भारी समर्थन मिला था। 

यहां हिलेरी को जीत मिली थी

कैलिफोर्निया, हवाई, ओरेगन, वॉशिंगटन, नेवादा, कोलोराडो, वर्जीनिया, इलिनॉय, न्यूयॉर्क, कनेक्टीकट, रोड आईलैंड, मैरीलैंड, मैसाच्युसेट्स, डेलावेयर, न्यू जर्सी, वरमॉन्ट, वॉशिंगटन डीसी। 

ज्यादातर रिपब्लिकंस अभी भी ट्रंप के साथ, 21% विरोध में

पोल के मुताबिक, 75% रिपब्लिकंस अभी भी ट्रंप के साथ हैं और वह उन्हें वोट दे सकते हैं। पार्टी के 21% नेताओं ने उनके खिलाफ वोट डालने की बात कही है। ट्रंप डेमोक्रेट्स से 82% से 13% के अंतर से हार सकते हैं। 2016 के चुनाव में ट्रम्प को 279 और हिलेरी को 228 वोट मिले थे। 

इस तरह होते हैं चुनाव

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति से होता है। नागरिक गुप्त मतदान कर अमेरिकी चुनावी कॉलेज के सदस्यों का चुनाव करते हैं। निर्वाचित सभी सदस्य मिलकर दोनों पदों के लिए सीधा चुनाव करते हैं। राष्ट्रपति चुनाव प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर होते हैं।