कैथ लैब बनकर तैयार, स्टॉफ के फेर में अटकेगी सुविधा

कैथ लैब बनकर तैयार, स्टॉफ के फेर में अटकेगी सुविधा

ग्वालियर। अंचल के मरीजों को एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी व पेसमेकर के लिए दिल्ली जाने से बचाने के उद्देश्य से जेएएच के कॉर्डियोलॉजी विभाग में बन रही कैथ लैब लगभग तैयार हो चुकी है, इसका कार्य पूरा होने में 20 से 25 दिन का समय लगेगा। लैब तो बन गई, लेकिन प्रबंधन को इसके लिए स्टॉफ की चिंता सता रही है। स्टॉफ नहीं होने से लैब बनने के बाद भी मरीजों को इसकी सुविधा लेने के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि कॉर्डियोलॉजी विभाग के पास पहले से ही स्टॉफ की कमी है। ऐसे में कैथ लैब के लिए स्टॉफ कहां से आएगा। इस लैब की स्थापना के लिए जिस तोशिबा कंपनी को ठेका दिया है, उसकी टीम 6 करोड़ 57 लाख रुपए कीमत की मशीन का इंस्टालेशन कर रही है। इस कंपनी का दिल्ली से दो लोगों का दल बुधवार को कॉर्डियोलॉजी विभाग भी पहुंचा। उन्होंने इसका कार्य देखा और इस संबंध में कॉर्डियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत रस्तोगी से भी मुलाकात की। उन्होंने भी एक माह में यह लैब पूरी होने की बात कहीं।

संभागायुक्त से लगाई गुहार

कैथ लैब में स्टॉफ की परेशानी को लेकर जेएएच अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा ने भी संभागायुक्त महेशचंद्र चौधरी से गुहार लगाकर लैब के लिए स्टॉफ की आवश्यकता बताई है। इसका प्रस्ताव बनाकर भोपाल भेजा जाएगा। इसी मामले को लेकर चंद दिन पहले कॉर्डियोलॉजी के एचओडी डॉ रस्तोगी ने अधीक्षक को पत्र लिखकर लैब के लिए 12 नर्सिंग स्टाफ, दस जूनियर डॉक्टर, पांच सीनियर डॉक्टर और टेक्नीकल स्टाफ की मांग की थी।