बच्चे को खतरे में नहीं डाल सकते, भले ही क्लास रिपीट कराना पड़े

बच्चे को खतरे में नहीं डाल सकते, भले ही क्लास रिपीट कराना पड़े

भोपाल | कोविड-19 से जुड़ी खबरों के बीच सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह की खबरें भी आती रहती हैं, जिसमें कभी जुलाई तो कभी सितंबर तक स्कूल रिओ पन होने की बात की जाती है। इसे लेकर अभिभावक पैनिक हो रहे हैं। हालांकि, इस बीच स्कूल और सरकारें सभी ये कह रहे हैं कि तैयारी पूरी है और स्कूल पूरी प्लानिंग के साथ ही खोले जाएंगे, लेकिन अभिभावक इसके लिए तैयार नहीं है। उनका मानना है कि कम से कम छह महीने और स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए। यहां तक कि कुछ ने कहा कि वह क्लास रिपीट कराने को तैयार हैं, लेकिन बच्चे को लेकर इतना बड़ा रिस्क नहीं उठा सकते। स्कूल ग्रुप पर भेजा मैसेज तो सबने कहा ना: आलम यह है कि भोपाल के विभिन्न स्कूल ग्रुप्स में जब जुलाई में स्कूल रि-ओपनिंग की संभावना जताते हुए मैसेज डाला गया तो 94 फीसदी अभिभावकों ने इसे मूर्खतापूर्ण फैसला करार देते हुए बच्चों को स्कूल भेजने से साफ इंकार कर दिया। केवल 6 प्रतिशत अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल शुरू होते ही पूरी सेफ्टी के साथ भेजने की हामी भरी। बता दें, इन ग्रुप्स में टोटल 336 अभिभावक हैं, जिनके बच्चे अलग-अलग क्लासेस और स्कूलों में हैं। 60 फीसद का मत दिसंबर के बाद हो शुरुआत इनमें 60 फीसद ऐसे हैं जिनका मानना है कि स्कूल दिसंबर के बाद ही शुरू होने चाहिए। वहीं 35 फीसद को सितंबर में और 5 फीसदी को जुलाई में स्कूल खुलने से दिक्कत नहीं।

होम स्कूल बेहतर

इस ग्रुप पर 58 फीसद पैरेंट ने कहा कि स्कूल खुलने के तुरंत बाद वह बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगे। वह 15 दिन रूककर स्कूल की तैयारी और अन्य स्कूल जाने वाले बच्चों को वॉच करेंगे और उसके बाद ही अपने बच्चे को भेजेंगे। वहीं 22 फीसद का मानना है कि होम स्कूल और आॅनलाइन क्लासेस इस क्राइसेस भरे दौर में बेहतर विकल्प है।

हम नहीं जुटा पा रहे हिम्मत

जब सरकार लॉकडाउन हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही तो हम बच्चों को स्कूल भेजने की हिम्मत कैसे जुटा लें। यदि बच्चों का यह साल रिपीट भी हो तो भी ठीक है। अरविंद श्रीवास्तव, बिजनेसमैन

सितंबर तक न खुलें स्कूल

स्कूल कम से कम सितंबर तक तो नहीं खोले जाने चाहिए। अभी बुजुर्ग, बच्चों का अधिक ध्यान रखने की बात है। ऐसे में स्थितियां संभलने तक, स्कूल भेजने का सवाल ही नहीं है। पीयूष दीक्षित, प्रायवेट जॉब

बच्चों को बहुत प्रिपेयर करना है

कम से कम सितंबर तक तो स्कूल को ना है। अभी बच्चों को बहुत प्रिपेयर करना होगा। स्कूल के पहले उनकी बहुत सारी आदतें बदलना पड़ेंगी। दिव्या गांधी, हाउस वाइफ

बच्चों की गैदरिंग खतरनाक

ऑनलाइन  क्लास स्कूल खोलने से बेहतर विकल्प है। कम से कम इस साल स्कूल को यही करना चाहिए। अभी बच्चों की स्कूल में गैदरिंग खतरनाक साबित हो सकती है। कंचन रघुवंशी, हाउस वाइफ