कैबिनेट का फैसला: बच्चों से रेप के अपराध में होगी मौत की सजा

कैबिनेट का फैसला: बच्चों से रेप के अपराध में होगी मौत की सजा

नई दिल्ली। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्रियों प्रकाश जावड़ेकर, नरेन्द्र सिंह तोमर और संतोष गंगवार ने मीटिंग के बड़े फैसलों के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम 2012 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस कानून में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए मौत की सजा का प्रावधान भी किया गया है। वहीं कैबिनेट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी है। इस बिल में ट्रांसजेंडर लोगों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए काम किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही राज्यों के बीच जो नदियां गुजरती है उसमें जल विवाद को लेकर एक सिंगल ट्रिब्यूनल बनाने का फैसला लिया गया है और दो साल में फैसला होगा। इससे नदियों के जल बंटवारे को लेकर होने वाले विवादों से तेजी से निपटा जा सकेगा, ऐसी उम्मीद है।

अब मजदूरों को मिलेगी हर की तय तारीख को मजदूरी

मंत्रिमंडल ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तों के विधेयक, 2019 को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 13 केंद्रीय श्रम कानूनों को नए कोड के तहत लाया गया है। यह उन सभी कंपनियों पर लागू होगा, जिनमें 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, जबकि खदानों और बंदरगाहों पर काम करने वाले हर एक कर्मचारी को इसका लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि 40 करोड़ से ज्यादा मजदूरों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि हर माह की तय तारीख को मजदूरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर मजदूर को न्यूनतम मजदूरी का कानूनी अधिकार दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे चरण का होगा विस्तार

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे चरण के विस्तार को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया है कि इसके तहत 1,25,000 किलोमीटर की सड़क देश में बनाई जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 80,250 करोड़ रुपये है।

राष्ट्रीय पुष्प के बारे में कोई सरकारी अधिसूचना जारी नहीं हुई : केंद्र

इधर केंद्र सरकार ने किसी फूल को राष्ट्रीय पुष्प का दर्जा नहीं दिया है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 30 मई 2011 की अधिसूचना के द्वारा बाघ को राष्ट्रीय पशु और मोर को राष्ट्रीय पक्षी के रूप में अधिसूचित किया गया है। नित्यानंद राय ने बताया कि राष्ट्रीय पुष्प के संबंध में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है।